सहारनपुर। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों से लेबर चार्ज के रूप में 20 रुपये प्रति क्विंटल लिया जाने वाला शुल्क इस बार लौटाया नहीं जा रहा है, जबकि हर साल यह गेहूं बिक्री की कीमत के साथ लौटाया जाता था। इससे किसानों में मायूसी है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि लेबर चार्ज वापस करने के संबंध में शासन से निर्देश नहीं मिला है।
सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लेबर चार्ज लिया जाता है। जिले के 17725 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर 50356.25756 मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री की। जिनसे करीब एक करोड़ रुपये लेबर चार्ज लिया गया था। जिसे गत वर्षों में गेहूं के मूल्य के साथ किसानों के खाते में भेजा जाता रहा है, लेकिन इस बार किसानों से ली गई इस धनराशि का भुगतान नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि इन राशि का भुगतान भी तत्काल कराया जाए।
किसानों की पीड़ा
- सरसावा के किसान सरदार रोढ़ा सिंह का कहना है कि किसान पहले से ही विकट स्थिति में चल रहा है। ऐसे में सरकार को किसानों के सभी प्रकार की बकाया रकम तत्काल देनी चाहिए। गत सीजन के छनाई, उतराई आदि के रूप में लिए गए 20 रुपये प्रति क्विंटल किसान को वापस दिलाए जाएं।
- किसान रवि सैनी ने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचते समय 20 रुपये प्रति क्विंटल लिया गया था। जिसे अभी तक खाते में वापस नहीं किया गया है। इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा होता है।
- ग्राम विक्रमपुर के किसान अरविंद गुर्जर ने कहा कि अभी तक गेहूं क्रय केंद्रों पर काटा गया लेबर चार्ज लौटाया नहीं गया है, जबकि पिछले वर्षों में ऐसा होता रहा है। हम अब भी प्रतिपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।
- किसान बबलू चौधरी ने कहा कि खरीद के समय किसानों से लिए गए लेबर चार्ज को सरकार वापस करे। क्रय केंद्र पर गेहूं ले जाने के बाद सारी जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए।
- जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद
गेहूं खरीद केंद्र -------------- 96
गेहूं बेचने वाले किसान ---- 17725
गेहूूं खरीद ----------------- 50356.25756 मीट्रिक टन
कुल भुगतान ------------- 9364.32 लाख रुपये
गेहूं खरीद करते समय सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल लेने का प्रावधान है। इसकी क्षतिपूर्ति के लिए इस बार सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया है। जबकि गत वर्षों में यह राशि गेहूं के बकाया मूल्य में जोड़कर दी जाती रही है। -- प्रिंस चौधरी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
किसान अरविंद गुर्जर।- फोटो : SAHARANPUR
किसान बबलू चौधरी।- फोटो : SAHARANPUR
किसान सरदार रोढ़ा सिंह।- फोटो : SAHARANPUR