सहारनपुर। 16 सरकारी व अर्ध सरकारी विभागों के 45 वाहन संदेह के दायरे में आ गए हैं। संबंधित विभाग इन वाहनों का रिकॉर्ड नहीं दे पा रहे और न ही इन्हें संभागीय परिवहन विभाग के मेटल स्क्रैप ट्रेड काॅरपोरेशन (एमएसटीसी) पोर्टल पर चढ़ाया जा रहा। कुछ विभागों ने तर्क दिया कि वाहनों की नीलामी कर चुके हैं, लेकिन वह इसका प्रमाण भी संभागीय परिवहन विभाग के पास जमा नहीं करा पा रहे। सवाल है कि वाहन कहां गए।
दरअसल, नई वाहन स्क्रैप नीति के तहत संभागीय परिवहन विभाग को सरकारी व अर्ध सरकारी विभागों के 15 साल से अधिक पुराने वाहन स्क्रैप कराने हैं। इसमें करीब 50 विभागों के 482 वाहन हैं, जिनकी नीलामी की जाएगी। इसके लिए विभागों को संभागीय परिवहन विभाग के एमएसटीसी पोर्टल पर वाहनों को दर्ज कराना है।
इस दौरान पता चला कि 16 विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने 45 वाहनों को पोर्टल पर दर्ज नहीं किया। इसमें से कुछ विभागों का तर्क है कि उनके पास मौजूदा समय में इस नंबर का वाहन ही नहीं है, जबकि कुछ का तर्क है कि कई साल पहले नीलामी करा चुके हैं, लेकिन वह इसका प्रमाण भी नहीं दे पा रहे। संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से जिलाधिकारी के माध्यम से भी नोटिस जारी कराए गए हैं। (संवाद)