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देवबंद: जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी उस्मान का कोरोना से निधन, दौड़ी शोक की लहर

Fri, 21 May 2021 04:11 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

कोरोना ने शुक्रवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी की जिंदगी छीन ली। उनके निधन से देवबंद में शोक की लहर दौड़ गई है।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सहारनपुर में दारुल उलूम देवबंद के कार्यवाहक मोहतमिम एवं जमीयत उलमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी का कोरोना से निधन हो गया। उनका गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। बताया गया कि दो दिन पहले ही मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया था। 

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बता दें कि 76 वर्षीय कारी उस्मान मंसूरपुरी के निधन पर दारुल उलूम व वक्फ दारुल उलूम के उलमा ने शोक जताया है। वहीं उनके निधन से देवबंद में शोक की लहर दौड़ गई। कारी उस्मान मंसूरपुरी को गत वर्ष अक्तूबर माह में ही दारुल उलूम देवबंद का कार्यवाहक मोहतमिम बनाया गया था। वहींं, मौलाना अरशद मदनी को सदर मुदर्रिस बनाया गया था। ऐसा पहली बार हुआ था जब जमीयत उलमा-ए-हिंद के दोनों गुटों के अध्यक्ष को दारुल उलूम में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

गौरतलब है कि लंबे समय से जमीयत दो फाड़ रही। इसमें एक जमीयत के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी तो दूसरे गुट में महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कारी उस्मान मंसूरपुरी को अध्यक्ष बनाया। दोनों गुटों का मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था। दारुल उलूम देवबंद की सुप्रीम कमेटी मजलिस ए शूरा ने अक्तूबर माह में मौलाना अरशद मदनी और कारी उस्मान मंसूरपुरी को जिम्मेदारी सौंपी थी। दोनों गुटों के अध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपना सुलह के लिए अहम कदम माना गया था।

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