ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आमंत्रित सदस्य व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीम-उल-वाजदी का लंबी बीमारी के चलते अमेरिका में इंतकाल हो गया। वे 70 वर्ष के थे। इस्लामिक जगत में उनका बड़ा नाम था।
मोहल्ला खानकाह निवासी मौलाना नदीम-उल-वाजदी अरबी के प्रसिद्ध विद्वान होने के साथ ही बड़े लेखक भी थे। उन्होंने विभिन्न विषयों पर दर्जनों पुस्तकें लिखीं। जिनसे आज की पीढ़ी लाभान्वित हो रही है। मौलाना वाजदी को अमेरिका की नागरिकता हासिल थी और शिकागो शहर में निवास करते थे। नागरिकता के चलते वह करीब एक माह पूर्व अमेरिका गए थे। 15 दिन पूर्व उन्हें हार्टअटैक आने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। भारतीय समयानुसार सोमवार की रात 10 बजकर 15 मिनट पर उनका अस्पताल में ही इंतक़ाल हो गया। मौलाना नदीम-उल-वाजदी के बेटे मुफ्ती यासिर नदीम-उल-वाजदी ने एक्स पर पिता के इंतकाल की जानकारी दी है।
उनके इंतकाल पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम व ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना सूफियान कासमी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, मुफ्ती जैनुल इस्लाम, मुफ्ती मोहम्मद उल्लाह, अशरफ उस्मानी, पूर्व विधायक माविया अली, नजर फाउंडेशन के अध्यक्ष नजम उस्मानी, मौलाना शकेब कासमी, जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला उपाध्यक्ष मौलाना फरीद मजाहिरी आदि ने दुख जताया।
वहीं, जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज में शोकसभा का आयोजन हुआ, जिसमें सचिव डॉ. अख्तर सईद, डॉ. अनवर सईद, डॉ. शिबली इकबाल, अहतेशामुलहक ने शोक जताया। साथ ही उनके लिए दुआए मगफिरत की गई।