Shakir in Deoband terror suspect Ansari people going outdoors.
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सहारनपुर में आतंकी गतिविधियों को लेकर फतवों की नगरी देवबंद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आतंकवाद को लेकर देवबंद खुफिया एजेंसियों के निशाना पर रहता है।
यही वजह है कि यहां दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एसटीएफ पहले भी कई बार छापेमारी कर संदिग्धों की गिरफ्तारी कर चुकी है। देवबंद की सरजमीं पर कई वर्ष पूर्व हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने आतंकवाद विरोधी सम्मेलन कर पुरजोर तरीके से दहशतगर्दी की मुखालफत की थी।
मगर यह बात भी सच है कि गाहे बगाहे देवबंद अकसर आतंकी गतिविधियों को लेकर खुफिया एजेंसियों के निशाने पर रहता है। जिसके चलते तमाम खुफिया एजेंसियों के अधिकारी यहां पर पैनी निगाहें रखते हैं।
वर्ष 1990-91 में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी रॉ ने छापेमारी कर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के शक में एक चिकित्सक और रिटायर्ड फौजी को हिरासत में लिया था। हालांकि कई दिनों की गहन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भी दिल्ली पुलिस ने खुफिया एजेंसियों की मद्द से सुबहान नामक व्यक्ति और उसके बेटे को दहशतगर्दी के इल्जाम में हिरासत में लिया था। लेकिन जांच के बाद उन्हें भी छोड़ दिया गया।
लगभग ढाई वर्ष पूर्व बिजनौर में पकड़े गए कुछ आतंकियों ने देवबंद में तीन आतंकी छुपे होने का बयान देकर खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए थे। बुधवार को हुई संदिग्ध आतंकी शाकिर अंसारी की गिरफ्तारी से एक बार फिर देवबंद सुर्खियों में आ गया है।