सहारनपुर। कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी ने सरसावा के पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में परिवर्तित किए जाने की मांग उठाई है।
संसद में उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश एक विशाल जनसंख्या वाला क्षेत्र है और कैंसर रोग व अन्य गंभीर बीमारियों के चलते लगभग हजारों मरीज प्रतिदिन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली व ऋषिकेश जाते हैं। अत्यधिक दूरी होने के कारण काफी रोगी रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
सहारनपुर जनपद दो राज्यों हरियाणा व उत्तराखंड को जोड़ने वाला प्रमुख जनपद है और कैराना लोकसभा क्षेत्र के पिलखनी में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सम्मिलित करने हेतु सभी आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन यहां मेडिकल सुविधाएं कम हैं। सहारनपुर में एम्स बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को ही नहीं बल्कि हरियाणा व उत्तराखंड के मरीजों के लिए भी लाभदायक होगा। सरकार द्वारा 16वीं लोकसभा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए विभिन्न राज्यों में कार्य किया है, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अत्यधिक दूरी होने के कारण वहां जाकर इलाज कराना असंभव है। सांसद प्रदीप चौधरी ने सरकार से मांग की है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इस प्रमुख समस्या को देखते हुए सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का दर्जा दिया जाए।