शाकंभर/सहारनपुर। सिद्धपीठ शाकंभरी क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ से हुए नुकसान और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को शाकंभरी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और इसके बाद जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन और विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से भी जवाब मांगे।
मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर 4:30 बजे हेलीपैड पर उतरा। इसके बाद भूरादेव मंदिर और शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। आखिर में भूरादेव के पास अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ के दौरान हुए नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों और प्रभावित लोगों को दी गई सहायता की जानकारी ली। उन्होंने आपदा के समय किए गए इंतजामों का बिंदुवार ब्योरा मांगा और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित दुकानदारों को भी आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही शाकंभरी क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सड़क, पार्किंग, जल निकासी, पर्यटन सुविधाओं और अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भूरादेव से मां शाकंभरी मंदिर तक बन रहे एलिवेटेड रोड पर दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। धीमी गति से चल रहे कार्यों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने संस्कृत विद्यालय, धर्मशालाओं व शंकराचार्य आश्रम तक भी रास्ते की व्यवस्था करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान तलाशा जाए और जिम्मेदारी तय की जाए।
भूरादेव पर बनाई जाएगी चौकी
बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से बाढ़ आपदा के बारे में विस्तार से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ को लेकर अलर्ट कर दिया गया था। रात करीब नौ बजे सभी श्रद्धालुओं को खोल से हटाकर धर्मशाला में पहुंचा दिया गया था। इसके बाद रात करीब 12 बजे के बाद अचानक पानी का सैलाब आया, जिसमें दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि भूरादेव पर चौकी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा शाकंभरी से आगे पहाड़ पर भी एक स्थायी चौकी बनाई जाएगी। भूरादेव पर पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।