सहारनपुर में जिले भर में ईद-उल-फितर का त्यौहार आज मनाया जाएगा। चांद के दीदार होने की खबर के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दूसरे को बधाइयां दी। चांद रात में देर रात तक बाजारों में चहल-पहल रही। बच्चों और युवाओं ने आतिशबाजी चलाकर खुशी का इजहार किया।
सोशल मीडिया पर तो सुबह से शुरू हुआ ईद की बधाई देने का सिलसिला रात भर चलता रहा। ईद के त्योहार को लेकर बाजारों में शुक्रवार को पूरे दिन रौनक रही। महिलाओं, युवाओं और बच्चों तथा बड़ों ने बाजार में जमकर खरीदारी की।
शुक्रवार शाम ईद के चांद का दीदार होने की खबर आते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर, सोशल मीडिया, फोन के माध्यम से ईद की बधाई दी। चांद रात पर शहर के सभी प्रमुख बाजारों में पूरी रात जमकर खरीदारी हुई।
चौक फव्वारा, नया बाजार, चूड़ी बाजार, शहीदगंज बाजार, चौकी सराय, सराफा बाजार, नेहरू मार्केट, कोर्ट रोड मार्किट, कंबोह के पुल पर स्थित दुकानें रात भर खुल रही। वहीं, युवा वर्ग ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
शहर की सड़कों पर रात भर रौनक रही। जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद ने बताया कि शनिवार को ईद मनाई जाएगी। सभी धर्मों के लोगों को त्योहार मिलजुलकर मनाने चाहिए। इससे आपसी भाईचारा कायम होता है।
ईद के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए। शुक्रवार शाम महानगर के सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रहा। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने संदिग्ध लोगों को पूछताछ की और तहकीकात करने के बाद ही उन्हें जाने दिया गया। एसएसपी बबलू कुमार ने अधिकारियों के साथ शहर का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।
मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, डीआईजी शरद सचान, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी बबलू ने ईद-उल फितर पर जनपदवासियों को बधाई दी है। अफसरों ने बधाई संदेश में कहा कि ईद-उल-फितर आपसी सौहार्द एवं भाईचारे का पैगाम देती है। पवित्र रमजान के बाद ईद खुशी का दिन है। ईद का पर्व हमें मिल-जुलकर रहना सिखाता है। उन्होंने सभी को ईद का त्योहार मिलजुलकर मनाने का आह्वान किया।
एस. फातिमा एजुकेशनल ट्रस्ट के महाप्रबंधक मोलाना नवाब हसन नदवी ने रमजान के समापन पर जारी किए बयान में कहा कि ईद का पर्व केवल खुशियों, नए कपड़ों और लजीज खानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह पूरी इंसानियत के लिए नेक ख्वाहिशात, खुशहाली, हमदर्दी और अमनों-अमान का पैगाम लेकर आता है। जिस तरह एक माह सब्र, शांति, खुदा की इबादत, गरीबों की मदद में गुजारा गया, इसी तरह पूरा वर्ष ऐसे ही गुजारना चाहिए।