दिल्ली रोड़ स्थित आम आदमी पार्टी कार्यालय पर सभा को संबोधित करते सांसद संजय सिंह
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सहारनपुर। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसानों के लिए डेथ वारंट की तरह हैं। इनमें संशोधन नहीं, बल्कि वापसी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों का अपमान करने की चरम सीमा पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को मेरठ में किसान महापंचायत होगी।
शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट कॉलोनी स्थित कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में सांसद संजय सिंह ने कृषि कानूनों की खामियां गिनाते हुए कहा कि इसमें एमएसपी की गारंटी का प्रावधान नहीं है। बाजार को खोल देने से मंडियां समाप्त हो जाएंगी और किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलेगा। अनुबंध खेती में किसानों की भूमि की मेढ़ ही गायब हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी को गलत माना जाता है, लेकिन सरकार असीमित भंडारण की इजाजत दे रही है। इससे जमाखोरी होगी और महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बेच रही है। उन्होंने सवाल किया कि आज स्वदेशी जागरण मंच और आरएसएस कहां हैं जो देश को मजबूत करने की बात करती थी। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों पर बढ़े रेट पर निशाना साधते हुए उसे सरकार की गलत नीतियों का परिणाम करार दिया।
इसके बाद आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों का असर केवल किसानों पर ही नहीं बल्कि देश की तमाम जनता पर पडे़गा। जिला चुनाव प्रभारी और दिल्ली के विधायक हाजी यूनुस और जिलाध्यक्ष योगेश दहिया ने कहा कि प्रदेश में किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। बेरोजगारी का आलम यह है कि युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रदेश सचिव मनीष सिंह, अमरीश वालिया आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान आदिल हसन, वसीम राजा, मो. इस्लाम, कांता प्रसाद, राजेश तायल, आरिफ सलीम, मनवीर राणा, विपिन और इकबाल मंसूरी आदि मौजूद रहे।