देवबंद। कस्बे के लाजपत नगर निवासी शिवाली (36) ट्रेन के सामने कूद गई। इसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसकी मां विनोद गंभीर (68) को आसपास के लोगों ने पकड़कर बचा लिया। बताया गया कि मृतका पिछले काफी समय से तनाव में चल रही थी, जबकि मां मानसिक रूप से बीमार है।
लाजपत नगर निवासी अमृत गंभीर की पत्नी विनोद गंभीर शुक्रवार शाम अपनी बेटी शिवाली के साथ रणखंडी रेलवे फाटक पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों वहां काफी देर से इधर उधर टहल रही थीं। जैसे ही 5 बजकर 45 मिनट पर सहारनपुर की ओर से दिल्ली को जानी वाली उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन फाटक पर पहुंच, तभी शिवाली ट्रेन के आगे कूद गई। इसमें उसकी मौत हो गई। विनोद को वहां खड़े कुछ युवकों ने पकड़ लिया। जानकारी मिलने पर परिजन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि शिवाली का अपने पति के साथ विवाद हो गया था, जिसके चलते करीब दस साल पहले दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद से वह मायके में रह रही थी। उसका कोई बच्चा भी नहीं है। शिवाली काफी तनाव में रहती थी। वहीं, उसकी मां विनोद भी मानसिक रूप से बीमार है। शाम के समय दोनों मां-बेटी घर से बिना बताए चली गई थीं। परिजनों को लगा कि वह किसी काम से गई थीं। थोड़ी देर बाद उन्होंने घटना का पता चला।
सीमा विवाद में उलझी पुलिस
हादसे के बाद पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जहां पर हादसा हुआ है वह मुजफ्फरनगर सीमा में आता है या फिर देवबंद में। इसके चलते काफी देर तक शव ट्रैक पर भी पड़ा रहा। काफी जद्दोजहद के बाद देवबंद ने पुलिस शव का पंचनामा भरा।