छुटमलपुर(सहारनपुर)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड पर पहाड़ियों के स्थिरीकरण का कार्य ढाई माह बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कंपनी द्वारा हालांकि एलिवेटेड रोड तो वाहनों के लिए खोल दिया गया है, लेकिन डाट काली माता के मंदिर को जाने वाला फ्लाईओवर बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने के लिए सात किमी अतिरिक्त दौड़ लगानी पड़ रही है।
एलिवेटेड रोड के करीब डेढ़ किमी के हिस्से में आधा दर्जन पहाड़ियों से बरसात में मलबा सड़क पर आने के कारण यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत एनएचएआई ने 22 मई को स्थिरीकरण का कार्य शुरू कराया था। उस वक्त आठ जून कार्य पूरा करने की तारीख बताई गई थी। बरसात के चलते निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हो सका और तारीख आगे बढ़ती चली गई। शुरू में एलिवेटेड सड़क की एक साइड डेढ़ किमी तक बंद रखी गई थी हालांकि इसे तो अगस्त के शुरू में खोल दिया गया था, लेकिन डाट काली मंदिर जाने वाला फ्लाईओवर अभी भी बंद कर रखा है। दरअसल, फ्लाईओवर के किनारे भी एक पहाड़ी कच्ची है जिसकी कटाई का काम अभी चल रहा है। हालांकि एलिवेटेड रोड की सभी छह पहाड़ियों पर स्थिरीकरण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।
डाट काली मंदिर को जाने वाले फ्लाईओवर के बंद होने के कारण पश्चिमी यूपी के शहरों, हरियाणा और पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं को देहरादून की तरफ करीब चार किमी चलना पड़ता है। मोहब्बेवाला कट से मंदिर आने से लिए फिर यूटर्न लेकर आना पड़ता है। ऐसे में उन्हें सात किमी की दूरी अतिरिक्त तय करनी पड़ती है।
बरसात के कारण बार-बार मलबा आने से कटाई के काम में अवरोध पैदा हुआ है। फिर भी तेजी के साथ काम कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ही डाट मंदिर फ्लाईओवर बंद किया गया है। प्रयास है कि 15 के अंदर कार्य पूरा करा दिया जाए।
- सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई