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दलितों की दुुखती रग पर राहुल ने रखा हाथ

Sun, 28 May 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर)। बेशक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को शब्बीरपुर जाने से रोक दिया गया हो, लेकिन यहां पहुंचकर  उन्होंने दलितों की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। पीड़ितों के जख्म सहलाने के बहाने बड़ी चतुराई से दलित बिरादरी की सहानुभूति पाने की हरचंद कोशिश की। इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि सहारनपुर सहित वेस्ट यूपी के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां दलितों की संख्या अधिक है। राहुल ने सहानुभूति के तीर से सियासी निशाने साधने की पुरजोर कोशिश की। यही कारण रहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राजपूत बिरादरी के किसी व्यक्ति से नहीं मिले, कोई टिप्पणी भी उन्होंने नहीं की। इस पूरी कवायद में उनकी मंशा संतुलन बनाने की भी रही। भीम आर्मी के प्रति भी कांग्रेस का रुख नरम है। पूर्व विधायक इमरान मसूद तो उसके पक्ष में बयान भी जारी कर चुके हैं।
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भले की भाजपा लहर के बीच पूरे प्रदेश में कांग्रेस की सियासी जमीन कमजोर हो गई है, मगर सहारनपुर में पार्टी के दो विधायक जीते और एक सीट पर हार बेहद मामूली अंतर से हुई। ऐसे में यह साफ है कि आने वाले लोकसभा सहित अन्य चुनावों के लिए मुस्लिम पर मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए कांग्रेस को दूसरे मतों में थोड़ी सेंधमारी की जरूरत है। यही कारण है कि कांग्रेस की निगाह पूरी तरह दलितों पर टिकी है। शब्बीरपुर कांड के बाद से ही एससी आयोग के पूर्व चेयरमैन पीएल पुनिया ने सहारनपुर में डेरा जमा रखा है।

इससे पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी यहां आ चुके थे। मगर, बसपा ने जैसे ही अपने बेस वोट को एकजुट करने की कोशिश की और पार्टी प्रमुख मायावती शब्बीरपुर पहुंची थी। इसके बाद कांग्रेसी भी पूरी तरह से सक्रिय हो गए। हालांकि बसपा सुप्रीमो की सभा के बाद हिंसा के चलते एक बार फिर यहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। ऐसे में राहुल गांधी को प्रशासन ने शब्बीरपुर जाने की  अनुमति नहीं दी। लेकिन सहारनपुर की सीमा में प्रवेश कर पीड़ित परिवारों से राहुल गांधी की मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे  हैं। सहारनपुर की जातीय हिंसा के बाद पूरे वेस्ट यूपी में यह मुद्दा गरमाने लगा है। 
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यही कारण है कि जहां बसपा भीम आर्मी के खिलाफ जाकर खड़ी हो गई वहीं कांग्रेस भीम आर्मी के जरिए दलित मतों की सेंधमारी का रास्ता तलाशने में जुटी है। पूर्व विधायक इमरान मसूद ने एक बयान जारी कहा भी था कि भीम आर्मी के लोग सामाजिक कार्य कर रहे हैं, उनको गलत  बदनाम किया जा रहा है। बता दें कि पूर्व विधायक इमरान मसूद के चलते कांग्रेस सहारनपुर में मुस्लिम मतों पर लंबे समय से कब्जा जमाए बैठी है। यही कारण है कि बीते विधानसभा चुनाव में गठबंधन से आसानी से तीन सीटों पर कब्जा भी जमाया। अब कांग्रेस यहां दलित-मुस्लिम संभावनाओं की तलाश में जुटी है। राहुल ने भी दलितों से मुुलाकात कर उनकी दुखती रगों पर हाथ रखा।
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