शब्बीरपुर में हुई घटना के पीड़ित परिवार के बच्चे काे गोद में लेकर जानकारी लेते राहुल गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर। शब्बीरपुर में जातीय हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात करने शनिवार को सहारनपुर पहुंचे राहुल गांधी बेहद सधे हुए राजनीतिज्ञ की तरह नजर आए। हरियाणा सीमा से पैदल सहारनपुर पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ढाबे पर बैठे पीड़ित परिवारों के पास पहुंचते ही उनसे गर्मजोशी से हाथ मिलाया और फिर वहां मौजूद छह साल के मासूम को उठाकर गोद में बिठा लिया। पीड़ित परिवारों से मिलने के दौरान राहुल गांधी ने बच्चे को गोद में बिठाकर करीब दस मिनट तक बात की। राहुल ने अन्य पीड़ितों से भी बात की और न्याय दिलाने का वादा कर लौट गए।
अंबाला हाईवे पर बने एक ढाबे के छप्पर में बैठकर राहुल ने पीड़ितों का दर्द जाना। शब्बीरपुर गांव में अगजनी में नुकसान उठाने वाले दल सिंह का बेटा नीटू और बहू राखी अपने छह साल के बेटे बादल को लेकर पहुंचे थे। राहुल ने बच्चे को देखते ही अपनी गोद में बिठा लिया और सबसे पहले उसी से बात कर पांच मई की घटना की सच जाना। बादल ने बताया कि किस तरह उपद्रवियों ने उनके घरों को आग के हवाले कर दिया था। उसने बताया कि आग में उनके घर का सारा सामान, बाइकें, फर्नीचर, अनाज और उसकी किताबें और यूनिफॉर्म तक जल गई थीं।
उस दिन से वह स्कूल भी नहीं जा रहा है। राहुल ने बादल के सिर पर हाथ फिराते हुए वादा किया कि वह स्कूल भी जाएगा और घर का सब सामान भी नया मिलेगा। नीटू की पत्नी राखी ने बताया कि आगजनी करने वालों ने महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। शब्बीरपुर के ही दूसरे पीड़ित अग्नि भास्कर चोटिल अवस्था में राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने राहुल के सामने अपना दर्द बयां किया। इसके अलावा राहुल गांधी ने मायावती की सभा से लौटते वक्त हमले में मारे गए युवक आशीष के परिजनों से भी बात की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। राहुल गांधी ने करीब आधा घंटे तक पीड़ितों से बात की।