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Saharanpur News: महाभारत कालीन देवी मंदिर पर सजा माता का दरबार

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चांदपुर। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने महाभारत कालीन मां काली के मंदिर पर नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को मां भगवती की रथयात्रा से हुआ। चैत्र मास के नवरात्रों में बड़ी-बड़ी दूर से श्रद्घालु मंदिर पर आकर पूजा अर्चना कर अपने परिवार की सुख समृद्घि की कामना कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नव-युगल जोड़े मंदिर पर आकर नारियल चढ़ाते हैं तथा अपने गृहस्थ जीवन की सफलता की कामना करते हैं।
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बिजनौर मार्ग स्थित मां काली का मंदिर महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है। दान धर्म प्रचारणी मंदिर सुधार सभा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल व सचिव जगत सिंह शर्मा बताते हैं कि प्राचीन काल में पांडव इस मंदिर में आकर मां काली की पूजा अर्चना करते थे। मंदिर परिसर में मां काली की छतरी के रूप में स्थित मंदिर से सटे वट वृक्ष का विशाल तना व लटकी हुई दाड़ियां मंदिर की प्राचीनता को प्रकट करती हैं। मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित गांव सैंदवार में कभी द्रोणाचार्य का आश्रम था। आचार्य यहां कौरव-पांडव को धनु विद्या की शिक्षा देते थे। मंदिर परिसर में मां काली के ठीक सामने मां दुर्गा का मठ है। मंदिर परिसर में मां संतोषी का विशाल मंदिर, शिव परिवार मंदिर व संकटमोचन श्रीहनुमान जी की लगभग 70 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा व मंदिर, शनिदेव का मंदिर स्थित हैं। चैत्र मास के नवरात्रों में नौ दिवसीय विशाल मेला लगता है। देवी मंदिर की कमेटी दान धर्म प्रचारणी मंदिर सुधार सभा द्वारा चैत्रमास के नवरात्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी व्यवस्था की जाती है। संवाद
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