सहारनपुर। मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार ने कहा कि परंपरागत कृषि में किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के द्वारा बताई गयी विधि से हम कीटनाशी मुक्त बासमती का उत्पादन कर सकते हैं। वैज्ञानिक विधि से उगाई गई बासमती निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरेगी।
मंगलवार को नकुड़ के नया गांव में स्थित गोकुलग्राम फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वैज्ञानिक विधि से खेती करने पर बासमती का निर्यात बढ़ने के साथ ही कृषकों की आय को दोगुना करने में भी सहायता मिलेगी।
उप कृषि निदेशक राकेश कुमार मौर्य ने कार्यशाला में कृषक उत्पादक संघ एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बासमती धान की बाली में दाने का भराव एवं चमक बढ़ाने के लिए पोटाश के प्रयोग की सलाह दी। उन्होंने किसानों को बासमती में कीटनाशी का प्रयोग कब, कैसे और कितनी मात्रा में करना चाहिए विषय पर विस्तार से जानकारी दी। जिला कृषि अधिकारी धीरज कुमार सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिप्रा, ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक सुनील कुमार सोम, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक इफ्को ऋषिपाल सिंह, पूर्व निदेशक (प्रसार) सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय मेरठ डॉक्टर एसके सचान आदि ने विचार रखे।