हाजी इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी के जब्त होने के बाद करीब चार हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि सरकार यहां की प्रशासनिक व्यवस्था अपने हाथ में लेगी या फिर इन विद्यार्थियों को किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में शिफ्ट किया जाएगा। स्टाफ में भी बदलाव हो सकता है।
ग्लोकल विश्वविद्यालय में इस समय बीबीए, एमबीए, बीसीए, एमसीए, एलएलबी, बीएएमएस, बीटेक, एमटेक, बीएससी और एमएससी कोर्स संचालित हैं। इसके अलावा बी-फार्मा, डी-फार्मा, एम-फार्मा, बीए, एमए, एमबीबीएस और पीएचडी समेत अन्य कोर्स भी हैं। यहां करीब चार हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसमें स्थानीय के साथ-साथ बाहरी विद्यार्थियों की संख्या भी काफी है। यहां तक कि नाइजीरियन विद्यार्थी भी यहां पर पढ़ते हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन छवि को बनाए रखने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है, लेकिन आए दिन कोई न कोई विवाद जकड़ लेता है। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी के स्टाफ से लेकर विद्यार्थियों में भी बेचैनी बनी हुई है। अगर सरकार प्रशासनिक व्यवस्था अपने हाथों में लेती है तो स्टाफ को भी बदला जा सकता है।
मौजूदा समय में यहां पर स्टाफ की संख्या करीब 700 है। सबसे बड़ा संकट विद्यार्थियों के भविष्य पर हो सकता है। जिले में इसके अलावा मां शाकंभरी विश्वविद्यालय और एक निजी विश्वविद्यालय है। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय अभी नया शुरू हुआ है। ऐसे में वहां पर इतने विद्यार्थियों को अटैच करना संभव नहीं है।
यूनिवर्सिटी में करीब चार हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। विद्यार्थियों और स्टाफ के भविष्य को देखते हुए सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। हालांकि इस संबंध में अभी कोई नोटिस नहीं मिला है।
- पीके भारती, कुलपति ग्लोकल यूनिवर्सिटी
कई बार विवादों में फंसी यूनिवर्सिटी
ग्लोकल यूनिवर्सिटी इससे पहले भी कई बार विवादों में आ चुकी है। हाल ही में एक व्यक्ति ने सदर थाने में मामला दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि उसने ग्लोकल यूनिवर्सिटी में कुछ दाखिले कराए थे, जिसके एवज में मोटी रकम जमा कराई थी। बाद में यूनिवर्सिटी की तरफ से छात्रों को फर्जी डिग्री दे दी गई। अब ईडी द्वारा जब्त करने से फिर विवादों में आ गया है।