सहारनपुर। मार्च से जून माह तक लॉकडाउन के समय तो अपराधी शांत रहे, लेकिन अनलॉक पीरियड शुरू होते ही चोरी, लूट, हत्या से लेकर साइबर अपराधों के कारण पुलिस टीमों को खूब दौड़ना पड़ा। इनामी और अन्य शातिर बदमाशों के साथ 90 मुठभेड़ हुईं। इनमें गोकशी सहित अन्य मामलों में कुख्यात बदमाश आबाद और हाफिज को ढेर किया, जबकि 153 आरोपी गिरफ्तार किए गए। भ्रष्टाचार, विवेचना में लापरवाही से लेकर बंदियों की फरारी तक के मामलों में खाकी की फजीहत भी हुई। पेश है रिपोर्ट...--------
जिले में आपराधिक स्थिति
- 4310 अभियोग दर्ज किए गए
- हत्या के 34 मामले दर्ज हुए, इनमें से 28 का हुुआ खुलासा
- लूट के 30 मामले दर्ज, 50 आरोपी गिरफ्तार, 22 का खुलासा
- अवैध शस्त्र में 1000, एनडीपीएस और अवैध शराब में 1500 से ज्यादा आरोपी पकड़े
- एक हजार से अधिक आरोपियों पर गुंडा एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
- गोकशी, हत्या, लूट सहित अन्य मामलों में 60 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई
दागदार होती रही खाकी, कई पर गिरी गाज
- खाकी लगातार दागदार होती रही। जनवरी से नवंबर तक अवैध खनन, अवैध वसूली, गोकशी, विवेचना में लापरवाही और मनमानी सहित अन्य मामलों में पांच दरोगा सहित 22 पुलिसकर्मी निलंबित हुए। महज दो महीने में ही 22 में से 15 थानों, 20 से अधिक चौकियों के प्रभारियों के कार्यस्थल बदले गए। शराब के नशे में ड्यूटी, शराब के साथ वीडियो वायरल होने जैसे मामलों में तीन पुलिसकर्मी निलंबित हुए।
ये बड़े खुलासे भी हुए
- इस साल का सबसे बड़ा खुलासा साइबर अपराध आनलाइन तरीके से करोड़ों रुपये की ठगी का रहा। नवंबर में पुलिस ने दो विदेशी (नेपाली) सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सरगना हवाला कारोबारी अमित सोनी है। इसकी जांच आईओडब्ल्यू टीम कर रही है, साथ ही पांच राज्यों के लिए चुनौती बने एटीएम लूट गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। लाखों के नशीले कारोबार के चार बड़े मामले उजागर किए गए और 12 आरोपियों को पकड़ा।
सीएए के विरोध में आंदोलन भी बना रहा सिरदर्द
- दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर ही देवबंद में नागरिकता कानून के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने 27 जनवरी से 22 मार्च तक धरना दिया। महिलाओं को मनाने में पुलिस से लेकर अफसरों तक के पसीने छूट गए थे। बाद में कोरोना संक्रमण का हवाला देकर इन्हें शांत कराया गया। विरोध प्रदर्शनों में 1600 से अधिक लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई और 700 से अधिक लोगों को नोटिस दिए गए।
विदेशी जमातियों के लिए चला सर्च अभियान
- कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान विदेशी जमातियों के लिए सर्च अभियान चलाया गया। यहां 57 विदेशी जमातियों को चिह्नित कर अस्थायी जेल भिजवाया गया। बाद में अदालत ने जेल में रहने की अवधि के बराबर सजा के बाद उन्हें स्वदेश भेज दिया गया। जमातियों पर वीजा अधिनियम के तहत पुलिस कार्रवाई पर सवाल भी उठे।
अदालत के कुछ फैसले भी चर्चा में रहे
- इसी साल विदेशी जमातियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट, सहगल परिवार हत्याकांड में आरोपियों को सजा, पॉक्सो एक्ट के 12 आरोपियों को कम अवधि में सजा सुनाने के अलावा तीन तलाक मामले में दो आरोपियों को सजा के मामले चर्चा में रहे।
17 भूमाफिया पर कार्रवाई, दो करोड़ से अधिक संपत्ति कुर्क
- पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में देवबंद के फूल मियां सहित 17 भूमाफिया पर कार्रवाई हुई। दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई। अकेले फूल मियां की ही एक करोड़ से अधिक की संपत्ति शामिल है। नगर निगम और राजस्व विभाग के माध्यम से 201 अवैध कब्जे चिह्नित कर पांच करोड़ से अधिक की जमीन कब्जा मुक्त कराई गई।
कोरोना काल में लोगों का सहारा भी बनी पुलिस
- कोरोना संक्रमण काल में सवा लाख से अधिक प्रवासी मजदूर जिले से होकर गंतव्यों तक पहुंचे। पुलिस ने इन्हें पहुंचाने में मदद की। 3000 से अधिक बुजुर्गों, बीमारों और असहायों तक दवा, खाना, चिकित्सा सेवा पहुंचाई। बड़गांव और रामपुर मनिहारान में बेसहारा की मौत पर अर्थी को कंधा तक दिया। अन्य कई सेवाओं के रूप में पुलिस टीमें सहयोगी रहीं।
नए साल से ये नई उम्मीदें भी...
- विधि विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित होगी। इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
- साइबर थाने के लिए भी नई भूमि का चयन किया गया है।
- थानों में बैरकों को बेहतर करने के काम में आएगी तेजी
- ग्रामीण क्षेत्रों में महिला हेल्प डेस्क को अधिक सक्रिय किया जाएगा