सहारनपुर के बड़गांव में दो दिन पूर्व छात्रों के बीच यात्री बस में सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में बुधवार को दो गुटों में संघर्ष हो गया। इसमें एक छात्र मामूली रूप घायल हो गया।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्र को पीएचसी भिजवाया। उधर छात्रों के अलग अलग समुदाय के होने के चलते मामले की गंभीरता के मद्देनजर सीओ देवबंद आरएएफ की टुकड़ी के साथ गांव पहुंचे।
बुधवार की सुबह कुतबा माजरा गांव निवासी मासूक अली का पुत्र तालिब अंबेहटा चांद स्थित जनता इंटर कालेज में गया था। आरोप है कि टपरी गांव के कुछ छात्रों ने उस पर डंडों से हमला कर दिया।
इसमें वह घायल हो गया। इस बात की सूचना जब कुतबा माजरा गांव में लगी तो गांव के लोग भी लाठी डंडे लेकर टपरी गांव की बस्ती नानकपुरी में धावा बोलने के लिए निकल पड़े।
इससे पहले मामला सांप्रदायिक का रूप लेता एक पक्ष के सुंदर और दूसरे पक्ष के जहांगीर एवं मकसूद ने भीड़ को बस्ती पर हमला करने से बमुश्किल रोका और मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्र तालिब को पीएचसी नानौता भिजवाया।
इसी बीच दोनों पक्षों के कुछ लोग पूर्व प्रधान बाबू की चौपाल पर एकत्र हो गए। दोनों पक्षों में समझौता वार्ता के बीच सीओ देवबंद योगेंद्र पाल सिंह भी रैपिड एक्शन फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे लेकिन काफी देर तक बहस के बाद भी समझौता नहीं हो सका।
सूचना के बाद भाजपा नेता रामपाल सिंह पुंडीर भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाया। उधर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है।