सदर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो-दो हजार रुपये के नकली नोटों की गड्डियों केे साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद की गई छह गड्डियों में सिर्फ ऊपर नीचे ही नकली नोट लगे हुए मिले। शेष में रंगीन कागज मिला। इन्हें गिरफ्तार आरोपी 13 लाख 28 हजार रुपये बताकर एक स्क््रैप व्यापारी को देने की तैयारी कर रहे थे।
मंगलवार की देर रात सदर कोतवाली ने मुखबिर की सूचना पर रेलवे रोड स्थित अग्रसेन चौक पर चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी में संदिग्ध लोगों को देखते हुए उसकी सघन चेकिंग की। चेकिंग के दौरान पुलिस को एक बैग से दो-दो हजार रुपये के नोटों की गड्डियां नजर आईं।
गौर से देखा तो सभी नोट नकली थे। जिस पर पुलिस ने स्कॉर्पियो में सवार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ शुरू कर दी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम इब्राहिम निवासी टांडा, अनूपशहर, बुलंदशहर, धन्नू खान उर्फ विक्की निवासी ग्राम चित्तौन, थाना सलेमपुर, बुलंदशहर तथा अब्दुल फरीद निवासी लेन नंबर 12, टर्नल रोड, क्लेमन टाउन देहरादून बताया।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से नोटों की जो गड्डियां बरामद हुई हैं उनमें 72 नोट नकली हैं। बाकी सिर्फ रंगीन कागज हैं। उन्होंने बताया कि 60 नोटों की एक गड्डी बनी हुई थी।
जबकि छह गड्डियों में ऊपर और नीचे दो-दो हजार रुपये के नकली नोट लगे हुए थे, जबकि बीच में कोरे कागज लगे हुए थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि देहरादून का खलीफा नाम का व्यक्ति उन्हें नोट सप्लाई करता है, जिन्हें वह अलग-अलग कामों में इस्तेमाल करते हैं। पुलिस गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से नकली नोटों की तस्करी में संलिप्त अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। जबकि उनकी स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया गया है।
ं20 प्रतिशत पर करते हैं नकली नोटों का कारोबार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि खलीफा नाम का व्यक्ति उन्हें 20 प्रतिशत पर नकली नोटों की सप्लाई करता है। 10 लाख रुपये आठ लाख में मिल जाते हैं और दस लाख में चला देते हैं। दो लाख रुपये इन्हें असली मिल जाते हैं।