नकली नोटों की देहरादून में छपाई की जा रही है और दिल्ली तथा एनसीआर के शहरों में उनकी सप्लाई हो रही है। इन नोटों को शादी पार्टियों, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर भी बदलने का काम करते हैं।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए नकली नोटों के तस्करों ने पूछताछ में बताया कि खलीफा अलग-अलग नंबरों से फोन करके उन्हें बताता है कि कब उन्हें नोटों की सप्लाई होगी, जगह कहां होगी और कौन देने के लिए पहुंचेगा।
अधिकांश एसटीडी बूथ से ही फोन किया जाता है। वही देहरादून में नोट छापता है। कहां नोट छपते हैं, कैसे छपते हैं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्हें तो सप्लाई मिल जाती है। अधिकांश इन नोटों को चलाने के लिए अलग-अलग शहरों में खासकर रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, शादी, पार्टियों में जाकर नोट बदलते हैं। असली नोट गड्डियों के ऊपर लगाकर बीच में नकली नोट लगा देते हैं।
वह नकली नोटों को दिल्ली और एनसीआर के शहरों में खपा देते हैं। वहां इतनी जल्दबाजी होती है और नोटों की इतनी खपत होती है कि असली, नकली की पहचान करने के लिए अधिक गौर नहीं किया जाता। जिसका वह फायदा उठाते रहे। पहले भी वह कई बार दिल्ली में नकली नोट खपा चुके हैं।
गागलहेड़ी के स्क्रैप व्यापारी को चूना लगाने की थी तैयारी
सहारनपुर। नकली नोटों के तस्कर गागलहेड़ी के एक स्क्रैप व्यापारी को चूना लगाने की तैयारी में थे। गिरफ्तार एक आरोपी ठेके के बदले में 15 लाख रुपये व्यापारी को देने के लिए जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही दबोच लिया।
सदर कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी इब्राहिम, धन्नू खान उर्फ विक्की और अब्दुल फरीद में से इब्राहिम स्क्रैप की ठेकेदारी करता है। पुलिस के अनुसार इब्राहिम को ठेके लेने के बदले में गागलहेड़ी के एक स्क्रैप व्यापारी को 15 लाख रुपये का भुगतान करना था। जिसके लिए उसने नकली नोट मंगाए थे।
इनमें वह कुछ असली नोट मिलाकर व्यापारी को भुगतान करता। लगभग 13 लाख रुपये का स्क्रैप व्यापारी को चूना लगाने की तैयारी में था इब्राहिम। लेकिन पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन के नजदीक से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।