सहारनपुर के देवबंद में दो धर्मस्थलों में हुई तोड़फोड़ के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा सांसद ने मूर्ति तोड़ने वाले आरोपियों की 72 घंटे में गिरफ्तारी और रासुका के तहत कार्रवाई नहीं होने पर महापंचायत का ऐलान किया है।
जबकि कांग्रेस के विधायक ने मस्जिद को नुकसान पहुंचाने वालों पर 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी देकर पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
भाजपा के नगराध्यक्ष गजराज राणा ने कहा कि महापंचायत के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। प्रशासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही महापंचायत की जाएगी।
वहीं, बजरंग दल के कार्यकर्ता तो गांव-गांव जाकर महापंचायत में भीड़ एकत्र करने में जुट गए हैं। एसडीएम डीपी सिंह ने बताया कि महापंचायत के आयोजन का अनुमति पत्र उन्हें अभी नहीं मिला है।
इस संबंध में उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श किया जाएगा। महापंचायत के आयोजन और कांग्रेस विधायक माविया अली के 48 घंटे के अल्टीमेटम को लेकर प्रशासन की सांसे फूली हुई हैं। किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए देवबंद को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सीओ योगेंद्रपाल सिंह ने कहा कि नगर का सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। वहीं इस पूरे प्रकरण को लेकर खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं। अधिकारी गतिविधियों की रिपोर्ट अपने अधिकारियों को दे रहे हैं।