सहारनपुर के नागल में तेजपाल ने पहले तो अपनी पत्नी को जमकर पीटा, फिर गला घोंटा और मिट्टी का तेल छिड़क कर जिंदा ही जला डाला। वह इतना निर्दयी हो चुका था कि आग लगाने के बाद कहीं ओमवती बाहर न निकल आए, इसलिए उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
यह पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है। एक शक ने न सिर्फ दो जिंदगियां खत्म कर दीं, बल्कि परिवार को भी तबाह कर दिया। सिर्फ एक दिन से नहीं यह आग तो कई महीनों से सुलग रही थी।
तेजपाल और पत्नी का लगभग छह माह से विवाद चल रहा था। 55 वर्ष की उम्र में भी तेजपाल को अपनी पत्नी के चाल चलन को लेकर शक रहता था। यह झगड़ा सिर्फ घर तक ही सीमित नहीं था बल्कि पूरे गांव को इसकी जानकारी थी।
यही नहीं एक माह पूर्व तो गांव के लोगों ने दोनों के झगड़े में समझौता कराया था। लेकिन बृहस्पतिवार को तेजपाल के शक की आग शोला बन गई। पहले दोनों में जमकर लड़ाई हुई। गांव के लोगों के अनुसार पहले ओमवती को जमकर पीटा।
फिर उसका गला घोंटा और फिर उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। कहीं ओमवती जलती हुई बाहर न निकल जाए, उसे कमरे में बंद कर दिया।
एसपी देहात जगदीश शर्मा का कहना है कि लोगों से मामले में पूछताछ की गई है। दोनों में लगातार झगड़ा होता आ रहा था। गुरुवार को तेजपाल ने यह कदम उठा लिया।