सहारनपुर के गंगोह में कक्षा छह के छात्र निखिल की आत्महत्या के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और मोहल्लेवासियों ने उसके शव को कोतवाली के गेट के सामने सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए गुस्साएं लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रात में ही आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने दोपहर तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर की बात, उनसे पूछताछ तक नहीं कि गई। इससे आरोपियों को फरार होने का मौका मिल गया। कोतवाली प्रभारी योगेश शर्मा ने उन्हें समझाने का प्रयास किया परंतु वह आरोपियों की गिरफ्तारी से पूर्व शव को उठाने के लिए तैयार नहीं हुए।
बाद में जिपं सदस्य चौधरी नक्षत्रपाल सिंह और डॉ. ओमपाल सैनी ने उन्हें समझाया और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब डेढ़ घंटे के हंगामे के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और शव को सड़क से उठा लिया गया।
इसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पिता रविंद्र के अलावा, नरेंद्र, श्रवण, ज्ञान, लालू, ममता, मोनू, विपिन, सुषमा, सुमन, पुष्पा, शिखा सहित बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी शामिल रहे।