सहारनपुर में रुपयों के लेनदेन के विवाद में की गई हत्या के मामले में दोष सिद्ध हो जाने पर कोर्ट ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी अदा करने के आदेश दिए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जयद्रथ सिंह पंवार ने बताया कि ग्राम छिदबना निवासी रहमान ने खेड़ा अफगान निवासी तनवीर को 60 हजार रुपये उधार दिए थे। 6 मई 2013 को रहमान को पता चला कि तनवीर शादी कर रहा है।
जिस पर रहमान रुपये लेने के लिए तनवीर के घर चला गया। जहां दोनों में काफी झगड़ा हुआ। दो दिन बाद ही 8 मई को रहमान अपनी नौकरी पर गया हुआ था। वहां से तनवीर के साथ कहीं चला गया।
रात को रहमान के पिता कुरबान ने जब तनवीर से जानकारी का प्रयास किया तो उसने सही जवाब नहीं दिया। कुरबान ने उसी दिन थाना कुतुबशेर में तनवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने तनवीर को गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत किया। पुलिस जांच में पता चला कि तनवीर ने अपने साथी सुलेमान, राजू एवं राजा के साथ मिलकर रहमान की हत्या कर दी थी। पुलिस ने चारों के खिलाफ चार्जशीट बनाकर कोर्ट में प्रस्तुत की।
मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तनवीर निवासी खेड़ा अफगान, सुलेमान निवासी शेखपुरा कदीम, राजू उर्फ हैदर अली एवं राजा उर्फ अब्दुल हफीज निवासी इंद्रा चौक को रहमान की हत्या का दोषी पाया गया। कोर्ट ने चारों को आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।