सहारनपुर के बड़गांव में कई दिनों तक चली जद्दोजहद के बाद 10 दिन पहले दबाया गया नूरजहां का शव आखिरकार पुलिस को कब्र से निकलवाना ही पड़ा। मजिस्ट्रेट की देखरेख में कब्र की खुदाई के बाद निकाले गए शव को पीएम के लिए भेज दिया गया।
इससे पूर्व मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति सहित पांच ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। बड़गांव थाना क्षेत्र के अंबेहटा मोहन निवासी सादिक की पत्नी नूरजहां की बीती 27 जून को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।
महिला आठ माह की गर्भवती थी। ससुराल के लोगों ने मृतका के शव को दफन कर दिया था। तीन दिन पहले सपा नेता कार्तिकेय राणा के नेतृत्व में नूरजहां के मायके वालों ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने पर हंगामा किया था।
उस समय एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने मृतका के पिता के आने पर मामला दर्ज करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया था। बुधवार को मायके पक्ष के लोगों ने एसएसपी से मिलकर ससुराल के लोगों पर नूरजहां की हत्या कर शव दफना देने का आरोप लगाया था।
एसएसपी के आदेश पर बड़गांव पुलिस ने मामले को हत्या में दर्ज कर लिया था। बृहस्पतिवार को तहसीलदार रमेश चंद की देखरेख में भारी पुलिस और पीएसी बल अंबेहटा मोहन गांव के कब्रिस्तान पहुंचा और दो घंटे की लगातार खुदाई के बाद शव को बाहर निकलवा कर चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया।
बता दें कि नूरजहां का पिता लताफत सऊदी अरब में नौकरी करता है। कब्र खुदाई के दौरान वह मौके पर मौजूद रहा। लताफत ने बताया कि ससुराल के लोग दहेज की मांग करते हुए उत्पीड़न कर रहे थे। इसी में उन्होंने उसकी हत्या कर दी।