सहारनपुर में कांवड़ यात्रा से पहले खुफिया तंत्र के इनपुट ने शासन और प्रशासन खासकर की नींद उड़ा दी है। सहारनपुर का आतंकी कनेक्शन कई बार सामने आता रहा है।
ऐसे में सहारनपुर पुलिस के लिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। मंडल की बात करें तो सहारनपुर और मुजफ्फरनगर पहले से ही संवेदनशील शहरों में गिने जाते रहे हैं। ऐसे में तैयारियों पर पुन: विचार की जरूरत है।
शासन और पुलिस कांवड़ यात्रा को लेकर सतर्क है। पिछले दिनों प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पांडा और डीजीपी जावीद अहमद ने गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड और दिल्ली के अफसरों के साथ संयुक्त बैठक कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की थी।
इसके अलावा स्थानीय स्तर पर डीएम भी कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दे चुके हैं। पुलिस ने भी कांवड़ यात्रा के दौरान रूट प्लान तैयार कर लिया है।
गत वर्षों की तरह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, मगर हाल ही में आए खुफिया तंत्र के इनपुट ने शासन और प्रशासन को अपनी तैयारी पर पुन: विचार और सुधार करने की जरूरत है।
तीसरी आंख से रखी जाएगी नजर, कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शहर के तमाम चौराहों खासकर कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक कराए जा रहे हैं कि वह दुरुस्त हैं या नहीं।
इसके लिए पुलिस लाइन में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से शहरभर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा कई जगहों पर ड्रोन कैमरे भी इस्तेमाल में लाए जाएंगे। पुलिस के जवान भी कैंपों में रुकने वाले कांवड़ियों की वीडियोग्राफी करेंगे, जिससे किसी भी घटना के बाद संदिग्धों की पहचान की जा सके।
q कड़ी रहेगी यात्रियों की सुरक्षा ः कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस और पीएसी के साथ ही आरएएफ के जवान भी तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के साथ ही चौराहों पर भी जवान भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा दिन के साथ ही रात में भी पुलिस कांवड़ मार्ग पर गश्त करेगी। कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह अस्थाई पुलिस चौकियां बनेंगी। बड़ी संख्या में सादी वर्दी और कांवड़ियों के वेष में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।