सहारनपुर में घंटाघर के पास अंबाला रोड स्थित एक ढाबे पर पांच सौ रुपये के नोट को लेकर जमकर बवाल हुआ। एक ओर से पत्थर फेंके गए, तो दूसरी ओर से कांच की बोतलें बरसीं, जिससे अंबाला रोड पर भगदड़ मच गई।
इस संघर्ष में ढाबे पर काम करने वाले तीन कर्मचारी घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को किसी प्रकार संभाला। रविवार की शाम लगभग अंबाला रोड स्थित गुरुनानक ढाबे पर कुछ युवक खाना खाने के लिए पहुंचे।
खाना खाने के बाद युवकों ने 500 रुपये का नोट ढाबा संचालक को दिया। ढाबा संचालक अमरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने पांच सौ का नोट बंद होने के कारण लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने उनसे खुले 280 रुपये मांगे।
लेकिन आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि उन्हें 220 रुपये तुरंत वापस चाहिए। उन्होंने इससे इंकार कर दिया और उनसे बाद में आकर पैसे देने के लिए कहा।
लेकिन आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी तथा अपने अन्य साथियों को फोन करके ढाबे पर बुला लिया। लोगों ने आते ही पथराव शुरू कर दिया।
ढाबे पर पथराव शुरू होते ही भगदड़ मच गई। ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारियों को पत्थर लगे और ढाबे का सामान टूट गया। जिस पर ढाबा कर्मचारियों ने वहां रखीं कोल्ड ड्रिंक की कांच की बोतलों फेंकनी शुरू कर दी।
इससे सड़क पर भगदड़ मच गई। घंटाघर से लेकर पूरी रोड खाली हो गई। दूर-दूर तक जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही पथराव एवं बोतलें बरसा रहे लोग भाग खड़े हुए।
इस संघर्ष में ढाबे पर काम करने वाले मस्तूक, इंताफ और नजूर घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है। हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक सुनीति का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। दो हमलावरों को चिह्नित कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज निकलवाई गई हैं, अन्य लोगों की भी पहचान कराई जा रही है। इस पूरे प्रकरण में जो लोग भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।