सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी के चौराखुर्द गांव निवासी प्रशांत कुमार पुत्र मुनेश कुमार ने 12 जनवरी को थाने में तहरीर देकर दीपक श्रीवास्तव के विरुद्ध नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बृहस्पतिवार को इसका खुलासा किया।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने प्रेस वार्ता में बताया कि देवबंद कोतवाली के इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने टीम ने चारों आरोपियों को देवबंद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर अभ्यार्थियों के फर्जी नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, 50 हजार रुपये की नकदी, एक लैपटॉप, छह मोबाइल, सरकारी विभागों के सात फर्जी नियुक्ति पत्र, भारतीय रेलवे बोर्ड भर्ती के आठ फर्जी आवेदन फार्म, एक आधार कार्ड, एक हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मार्कशीट की छायाप्रति बरामद की गई है। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
फेसबुक पर हुई मुलाकात और रच दी ठगी की पूरी कहानी
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि हम चारों और एक अन्य साथी सुजात कुमार की मुलाकात फेसबुक के माध्यम से हुई थी। फेसबुक पर जॉब ऑफर देखकर उन्हें बेरोजगार युवकों से ठगी की योजना तैयार की। इसमें उन्होंने आरोपी विशाल की पत्नी करिश्मा, उसके भाई विकास और आकाश को भी इसमें शामिल कर लिए। यह लोग कंप्यूटर में महारत रखते हैं। उन्होंने फर्जी जॉब ऑफर और नियुक्ति पत्र तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार करते थे। एसपी सिटी के मुताबिक, उन्होंने देवबंद के अक्षय व अन्य अभ्यर्थियों को नौकरी का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर खातों में 60 लाख रुपये जमा करा लिए।
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