सहारनपुर। बड़गांव के स्कूल प्रबंधक सुभाष की हत्या का पुलिस ने जल्दबाजी में खुलासा तो कर दिया, लेकिन पुलिस की यह कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही है। पुलिस ने लूट के लिए हत्या का दावा किया, लेकिन उनसे एक पेन तक नहीं लूटा गया। इस खुलासे को लेकर लोगों ने आपत्ति एवं असंतोष जताते हुए बड़गांव थाना पर हंगामा भी किया और पुलिस पर झूठी कहानी तैयार कर खुलासा करने का आरोप लगा दिया। मंगलवार को पुलिस ने मृतक सुभाष के परिजनों को थाना पर बुलाकर दो हत्यारों को पकड़ने की जानकारी दी और बताया कि हत्यारे लूट के मकसद से आये थे। परिजनों ने पुलिस की कहानी को पूरी तरह से मनगढ़ंत बता दिया। परिजनों ने बदमाशों की ऑडियो का फोरेंसिक लैब से मिलान कराने और मृतक सुभाष के मोबाइल बरामदगी की बात कही। पुलिस की कहानी से असंतुष्ट होकर ग्रामीण एसएसपी, डीएम से मिलने सहारनपुर पहुंचे।
पुलिस के खुलासे पर उठे दस सवाल
- अन्य लोगों से बाइक लूटी, सुभाष का अपहरण क्यों किया, फिर बाइक को वहीं क्यों फेंक दिया ?
- लूट के लिए हत्या कर दी, लूटा कुछ भी नहीं, गले की चेन, अंगूठी तो क्या पेन भी नहीं छीना ?
- मोटरसाइकिल पर आए, दो मोटरसाइकिल और लूटीं, सभी को नहर में फेंक कर पैदल ही मुजफ्फरनगर चले गए ?
- सरसावा से लूटी गई मोटरसाइकिल को भी पुलिस बरामदगी के लिए वहीं छोड़कर चले गए
- सुभाष के हाथ बंधे हुए थे, फिर बदमाश का तमंचा कैसे पकड़ लिया
- बदमाश ने गोली मारी, तमंचा पकड़ा सुभाष ने, फिर बदमाश का हाथ कैसे घायल हो गया, सुभाष के हाथ में खरोंच भी नहीं ?
- पुलिस के अनुसार सुभाष के हाथ खुलने पर बदमाश ने गोली मारी, गोली सीने में लगी, लेकिन सुभाष ने सीने से निकलते खून पर सुभाष का हाथ तक नहीं रंगा ?
- पुलिस के अनुसार सुभाष की 12 से एक बजे के बीच हत्या कर दी, फिर भी बदमाश साढ़े तीन बजे तक वहीं पर बैठे रहे ?
- जब फिरौती मांगी थी तो फिरौती का इंतजार क्यों नहीं किया, कुछ ही देर में हत्या क्यों कर दी ?
- हाथ खुलने के बाद सुभाष की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद फिर से हाथ कैसे बंध गए ?
श्रद्धांजलि अर्पित की
बड़गांव। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा कस्बे के आदर्श इंटर कालेज में शोक सभा कर सरकार से मृतक सुभाष को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने एवं पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
मंगलवार को आदर्श इंटर कालेज बड़गांव में शिक्षक संघ के जिले भर के नेताओं ने शोक सभा का आयोजन किया। शिक्षक नेताओं ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षकों की सुरक्षा का यह मुद्दा सदन में उठाया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यदि घटना के खुलासे से पीड़ित परिवार के लोग संतुष्ट नहीं हुए तो आंदोलन चलाकर घटना का सही खुलासा कराया जाएगा। शोक सभा में दो मिनट का मौन रख कर मृतक आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शोक सभा में प्रधानाचार्य डाक्टर संतरपाल सिंह, अजब सिंह, सूरजभान सिंह, हरिपाल सिंह, डाक्टर खुशी पुंडीर, जैनेंद्र कुमार, यशपाल सिंह, शीशपाल सिंह, हरिश्चन्द, तरसेम सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह चौहान, अनिल शर्मा, रविंद्र पाल सिंह, विपिन कुमार, लाल बहादुर यादव, जगदेव सिंह, भंवर सिंह, श्रीमति वंदना, अमी सिंह, नंद किशोर शर्मा, नीरव मलिक, राजपाल सिंह, सहित जिले भर के शिक्षक मौजूद मौजूद रहे।