सहारनपुर। भूमि अध्यापित अधिकारी के खाते से हुए लगभग पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में संदेह की सुई विभाग के ही एक अधिकारी पर घूम गई है। पुलिस ने मुजफ्फरनगर की इंडसइंड बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद हिरासत में लिए अधिकारी एवं कर्मचारी को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बुधवार की शाम को सदर कोतवाली पुलिस ने कैथोड़ा गांव से दो युवकों को हिरासत में लिया था। इसके अलावा बैंक के अधिकारी अमन जैन तथा गौरव गर्ग को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस ने रात में सभी से पूछताछ की गई। सुबह अमन जैन और गौरव गर्ग के परिजन सदर कोतवाली पहुंचे। अमन जैन के पिता अजय जैन का कहना है कि भूमि अध्यापित अधिकारी का जब पहला चेक 5 दिसंबर 2017 को क्लीयरिंग में पहुंचा था। उसी समय अमन जैन तथा बैंक के मेरठ शाखा के अधिकारी मयूर ने इसकी जानकारी सहारनपुर में आकर दी थी। विभाग के अधिकारियों को उनके चेक के भुगतान के बारे में बताया गया था। उसके बाद भी जो चेक पहुंचे, उनके बारे में भी जानकारी दी गई थी।
बैंक अधिकारियों द्वारा विभाग के अधिकारियों को पहले ही चेक लगने के तुरंत बाद सूचना दिए जाने के बावजूद खाते से भुगतान नहीं रोका गया और न ही कोई कार्रवाई की गई। उसके बाद एक-एक करके 7 चेकों के जरिए 4.76 करोड़ रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। इसकी भी जानकारी बैंक अधिकारियों द्वारा विभाग को दी जाती रही, लेकिन पौने पांच करोड़ रुपये तक का भुगतान होने तक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। यही नहीं बैंक अधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें दिए गए चेक असली हैं और उन पर हस्ताक्षर भी असली हैं। अब चाहे विभाग कोई भी सफाई देता रहे। बैंक अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दावों के बाद विभागीय अधिकारियों पर संदेह की सुई घूम गई है। विभागीय अधिकारी अथवा कर्मचारियों द्वारा ही मिलीभगत से पौने पांच करोड़ रुपये के गबन को अंजाम दिया गया है। हालांकि इस मामले में पुलिस अधिकारी भी अभी कोई खुलासा करने में हिचकिचा रहे हैं और पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
हिरासत में लिए लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ा
सीओ मुकेश मिश्र का कहना है कि पुलिस ने इंडसइंड बैंक के दो अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। रात को उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार के साथ मिलकर बैंक अधिकारियों से पूछताछ की थी। बाद में उन्हें उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
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--। पुलिस कर रही है अपनी कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार का कहना है कि उन्हें गबन के मामले में पुलिस द्वारा किसी को हिरासत में लिए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।