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थाना में बंद कर पीड़िता के पति को दी पुलिस ने थर्ड डिग्री

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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। गैंगरेप पीड़िता के परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने खुद गांव में पंचायत कराई और समझौता कराने का प्रयास किया। आरोप है कि जब पीड़िता का पति कार्रवाई की मांग के लिए थाने में गया तो पुलिस ने उसे मुंह बंद न करने पर और मामला सार्वजनिक करने पर हवालात में बंद कर दिया और फिर रात में उसे थर्ड डिग्री दी।
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रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के एक गांव की विवाहिता को हथियारबंद पांच बदमाशों ने पति और पिता के साथ अगवा कर लिया। इसके बाद उसके पति और पिता को बंधक बनाकर दोनों के सामने ही विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद लूट कर फरार हो गए। आरोप है कि पीड़ित जब थाने पहुंचे तो पुलिस ने समझौता करने की सलाह देकर भगा दिया। तीन बार पीड़िता कार्रवाई की मांग के लिए पुलिस के पास पहुंची, लेकिन पुलिस ने न तो उनकी तहरीर ली और न कोई कार्रवाई की। समझौता कराने के लिए पुलिस ने गांव में दो बार पंचायत करा दी, लेकिन जब पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो उन्होंने एसएसपी से इस मामले की शिकायत कर दी।
एसएसपी से शिकायत होने पर रामपुर मनिहारान थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले को ही पुलिस ने फर्जी बता दिया और आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय उनसे ही शपथ-पत्र लेकर पीड़िता के पति को ही आरोपी साबित करने की कोशिश की। सोमवार की शाम को पीड़िता का पति जैसे ही थाने पर पहुंचा, पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष ने उसे पहले हवालात में डाल दिया। रात में उसे हवालात से बाहर निकाला और एक दरोगा, दो सिपाहियों के साथ मिलकर उसे एक कमरे में ले गए। उससे सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपना मुंह बंद रखने के लिए कहा। जब उसने कार्रवाई के लिए कहा तो एसओ एवं अन्य पुलिस कर्मियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। उसे थर्ड डिग्री दी गई। बाद में पुलिस ने पीड़िता के पति को छोड़ दिया।
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आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम, एमएलसी उमर अली से मिले
घटना से आक्रोशित पीड़िता के गांव के लोगों ने पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई तथा गैंगरेप के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने, मामले को बदलने का प्रयास करने के आरोप में चुन्हैटी गाड़ा में हाईवे पर जाम लगा दिया। लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने बदमाशों की पहचान होने के चलते उनसे साठगांठ कर ली है। इसलिए कार्रवाई करने की बजाय उल्टा पीड़िता के पति को ही फंसाया जा रहा है। जिससे दबाव में आकर आरोपियों को बचाया जा सके। लोग एकत्रित होकर एमएलसी उमर अली के आवास पर पहुंचे और मामले की जानकारी दी। उमर अली उनके साथ गांव में पहुंचे और पीड़ितों से बातचीत की। इस मामले में उमर अली ने आरोप लगाया कि एसओ ने मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया है। पीड़ितों का ही उत्पीड़न किया गया है। यह पुलिस की ज्यादती है।
हायर सेंटर में चल रहा है पिता का इलाज
पीड़िता के पति को पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री दिए जाने और सामूहिक दुष्कर्म की पूरी कहानी को ही बदल दिए जाने की जैसे ही सूचना पीड़िता के पिता को लगी, उसको सदमा लगा। जिसके चलते उसे हार्ट अटैक आ गया उसे हायर सेंटर भेजा गया है।

यह है पूरा मामला
रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने आरोप लगाया कि 24 अगस्त को जब वह अपनी पुत्री और दामाद के साथ गांव चुन्हैटी गाड़ा में हकीम के यहां दवाई लेने गए थे। हकीम के यहा अधिक भीड़ होने पर वह नजदीक के गांव छिदबना में अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए जंगल के रास्ते से चल दिए। जब वह गांव से बाहर पहुंचे तो वहां पांच युवकों ने उन तीनों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया और गन्ने के खेत में ले गए। उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया दिया गया और उसकी पुत्री के साथ उसके और दामाद के सामने ही पांचों युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने आरोपियों की पहचान भी कर ली। जब पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने आपस में समझौते के लिए दबाव बनाया। गांव में दो बार पंचायत कराई। लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। चार सितंबर को जब हंगामा किया तो एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।
मामले की जांच कराई जा रही है
एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि थाने में पिटाई के बारे में उन्हें शिकायत मिली है। इस मामले में जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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