देवबंद (सहारनपुर)। संविदा विद्युत कर्मी विनीत मित्तल की मौत के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब मृतक की बहन अलका अग्रवाल ने जिलाधिकारी को शपथपत्र देते हुए निगम के अधिशासी अभियंता राजपाल सिंह रविवंशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही अलका ने देवबंद कोतवाल पंकज त्यागी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जबरन बेटे शुभम से समझौते की तहरीर पर हस्ताक्षर कराए हैं।
मोहल्ला पत्थर का कुआं निवासी दिव्यांग संविदा विद्युत कर्मी विनीत मित्तल की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ा जा रहा है। डीएम को भेजे गए शपथपत्र में अलका अग्रवाल ने कहा कि 13 फरवरी को थाना प्रभारी पंकज त्यागी ने फोन करके कहा कि विनीत मित्तल वाला मामला आज विधानसभा में उठ गया है। वह तत्काल आकर उनसे थाने में मिले। अलका के मुताबिक वह घर पर नहीं थी। जिसके बाद कोतवाल ने बेटे शुभम अग्रवाल को फोन कर पांच मिनट में अपने पास बुलाया। आरोप लगाया कि कोतवाली में पंकज त्यागी ने विद्युत निगम की और से एक चेक बेटे शुभम को थमाते हुए पहले से लिखी हुई तहरीर पर बिना पढ़े जबरन हस्ताक्षर करा लिए। अलका ने यह भी कहा कि बुधवार को उसे पता चला कि कोतवाल ने उस तहरीर में लिख रखा था कि हमारा समझौता हो गया है और हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं, जबकि यह बात पूरी तरह असत्य है। मैं अपनी पूर्व की मांग पर अटल हूं और अधिशासी अभियंता राजपाल सिंह रविवंशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना चाहती हूं। बता दें कि गत 4 फरवरी को विद्युत कार्यालय गए मृतक विनीत की हालत बिगड़ गई थी। जिसे उपचार के लिए मुजफ्फरनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भांजे शुभम अग्रवाल ने एक्सईएन पर मामा को जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। इस मामले में निगम की ओर से पहले ढाई लाख रुपये का चेक मृतक परिजनों को दिया गया था।