देवबंद (सहारनपुर)। करीब एक माह पूर्व दिव्यांग संविदा विद्युतकर्मी की मौत के मामले को राज्य सरकार ने सीबीसीआईडी के हवाले कर दिया है। सोमवार को देवबंद पहुंची सीबीसीआईडी की टीम ने निगम के अधिशासी अभियंता समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की। इस दौरान टीम ने डाक बंगले पर पीड़ित परिवार के बयान भी दर्ज किए।
सोमवार को देवबंद पहुंचे सीबीसीआईडी के एडीजी डा. सतेंद्र कौल टीम के साथ रेलवे रोड स्थित अधिशासी अभियंता राजपाल सिंह रविवंशी के कार्यालय पर पहुंचे। जहां उन्होंने राजपाल सिंह समेत अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने विनीत मित्तल के बैठने के स्थान को देखने के साथ ही कार्यालय में उसके परिचित लोगों से जानकारी जुटाई और वहां कुछ दस्तावेजों की जांच भी की। इसके उपरांत डा. सतेंद्र कुमार डाक बंगले पर पहुंचे और मृतक विनीत मित्तल की बहन अलका अग्रवाल समेत परिजनों से पूछताछ करते हुए उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान डा. सतेंद्र कुमार ने सिर्फ इतना ही बताया कि निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। मृतक परिजनों का कहना है कि वे इस मामले में पीछे हटने वाले नहीं है। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती वे चैन से नहीं बैठेंगे। बता दें कि मोहल्ला पत्थर का कुआं निवासी विनीत मित्तल एक्सईएन कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रुप में कार्य करता था। पांच फरवरी को वह कार्यालय में गया था। जहां उसकी हालत बिगड़ गई थी। जिसे इलाज के लिए पहले सीएचसी और उसके बाद मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिन के बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक की बहन अलका अग्रवाल एक्सईएन पर विनीत को जहर देकर मारने का आरोप लगाया था। सहारनपुर विधायक संजय गर्ग ने इस मामले को विधानसभा में भी उठाया था।