जिले के 56 से अधिक लोगों पर खुफिया तंत्र की नजर
सहारनपुर। वेस्ट यूपी के मेरठ और मुजफ्फरनगर में बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद सहारनपुर में पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। शहर के प्रमुख चौराहों के अलावा रविदास छात्रावास पर पुलिस का पहरा है। देहात में भी दलित बाहुल्य क्षेत्रों में पुलिस सक्रियता बढ़ाई गई है। जिले भर में दलित संगठनों से जुड़े 56 लोगों को चिह्नित कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। डीआईजी ने पुलिस को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाए।
सुप्रीम कोर्ट के एससीएसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सोमवार को हुए भारत बंद में सहारनपुर को सबसे संवेदनशील माना गया था। मगर यहां बाबैल बुजुर्ग को छोड़कर जिले भर में आंदोलन हिंसक रुप नहीं ले पाया। मुजफ्फरनगर और मेरठ में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पूरे जोन को अलर्ट कर दिया गया। सोमवार रात से पुलिस और प्रशासन दलित संगठनों के नेताओं के संपर्क में था ताकि किसी तरह की प्रतिक्रिया की संभावनाओं को खारिज किया जा सके। मंगलवार सुबह से शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई थी। घंटाघर, मल्लीपुर रोड, देहरादून रोड, बेहट रोड पर पुलिस सक्रियता बढ़ा दी गई थी। शहर के रविदास छात्रावास के बाहर भी पुलिस का पहरा था। पुलिस वाहन लगातार इधर से उधर दौड़ते रहे। जिले के सरसावा, गंगोह, नुकुड, गागलहेडी, नागल, देवबंद, बेहट आदि इलाकों में पुलिस सक्रियता बढ़ाई गई थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि शहर और देहात में हालात सामान्य हैं। इसके बावजूद खूफिया तंत्र और पुलिस की टीमें निगरानी कर रही हैं।