देवबंद (सहारनपुर)। फल विक्रेता अफजाल की मौत के बाद वर्ष 2013 में देवबंद में हुए बवाल और इस दौरान एसपी देहात के गनर से लूटी गई एके47 के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह ने देवबंद कोतवाली पहुंचकर मामले से जुड़े 12 लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अप्रैल 2013 में एमबीडी के समीप खड़े फल विक्रेता मोहल्ला नेचलगढ़ निवासी अफजाल की मौत हो गई थी। आरोप लगा था कि पुलिस का डंडा लगने से उसकी मौत हुई है। जिसके बाद लोगों ने उसके शव को सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर रखकर जाम उपद्रव मचाया था। इस दौरान उपद्रवियों की भीड़ ने तत्कालीन एसपी देहात डा. अनिल मिश्रा के गनर संदीप राघव से एके47 लूट ली थी। इतना ही नहीं उन्होंने लोकनिर्माण अतिथिगृह को भी आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियों को जलाते हुए कई पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट की थी। जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। बाद में इस मामले में दर्जनों नामजद समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुईं थीं। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी और न ही आज तक एके47 का कोई सुराग लग पाया। जिसकी वजह से यह केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। बुधवार को देवबंद कोतवाली पहुंचे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर और मामले के विवेचक राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में मोहल्ला कोहला बस्ती निवासी अलताफ पुत्र यूसुफ, लहसवाड़ा निवासी अनवर उर्फ पहाडी पुत्र अन्नू, अब्दुल पुत्र इस्लाम, निम्मा पुत्र भूरा कुरैशी, शमशेर पहलवान पुत्र इरफान, मोहल्ला मटकोटा निवासी सुफियान पुत्र सलीम, सुफियान पुत्र अजहर, आसिफ पुत्र मोहम्मद, सिकंदर पुत्र इसरार, साबू पुत्र अकील, मोहल्ला दगड़ा निवासी मुस्तकीम पुत्र निम्मा और शाहजीलाल निवासी साबिर पुत्र नन्हा के खिलाफ धारा 82 की कार्रवाई की गई थी, लेकिन उसके बावजूद वे पेश नहीं हुए जिसके चलते उनके विरुद्ध अदालत के आदेश की अवहेलना करने के आरोप धारा 174 (ए) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ज्ञात रहे कि बजरंग दल के प्रांतीय नेता विकास त्यागी लगातार इस मामले को शासन प्रशासन तक पहुंचाते रहे हैं। उनकी सक्रियता के चलते ही मामले में कार्रवाई तेज हुई है।