रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। बहुचर्चित दुग्ध व्यापारी राकेश अरोड़ा हत्याकांड के खुलासे को लेकर एक बार फिर पुलिस ने नए सिरे से इसकी जांच शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच से भेजे गए थाना प्रभारी एसके राणा व तेज तर्रार एसएसआई देवेंद्र यादव इस अनसुलझे हत्या कांड की जांच कर रहे हैं।
एसके राणा को क्राइम ब्रांच से यहां थाना प्रभारी बनाकर भेजा गया है। एसके राणा व एसएसआई देवेन्द्र यादव मंगलवार को उस स्थान पर पहुंचे जहां 30 जनवारी 2017 की रात को राकेश अरोड़ा की उनकी ही गाड़ी में गला रेत कर हत्या कर दी थी। गाड़ी को प्रदीप चौधरी के बाग में खड़ी मिली थी। तत्कालीन एसएसपी लव कुमार ने उस वक्त घटना स्थल पर पहुंच कर हत्या कांड के खुलासे को आश्वासन दिया था परन्तु एक वर्ष पूरा होने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। इसके खुलासे की मांग को लेकर रामपुर कस्बे से लेकर सहारनपुर तक बैनर लगाए गए थे और कई बार प्रदर्शन तक भी किए गए। राकेश अरोड़ा सहारनपुर के निवासी थे और रामपुर मनिहारान कस्बे में उनका दुध का व्यापार था। मंगलवार को घटना स्थल परा जांच को पहुंचे थाना प्रभारी एसके राणा व एसएसआई देवेन्द्र यादव ने बारीकी से मुआयना किया। इसके बाद वह राकेश अरोड़ा की डेरी पर पहुंचे जहां उन्होंने डेरी पर कार्यरत कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की। राकेश अरोड़ा हत्याकांड के बाद उनकी दूध डेरी को बेच दिया गया था यह डेरी उन्हीं लोगों ने खरीद ली थी जिनकी दुकानों में वह किराएदार थे। अब डेरी को चला रहे डेरी मालिक के पुत्र विपिन उर्फ राजू से घटना के दिन की पुलिस ने पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने डेरी पर कार्य कर रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ की।