देवबंद(सहारनपुर)। चार दशक पहले पाकिस्तान चले गए एक परिवार की संपत्ति पर अवैध कब्जे के मामले में कोतवाली पुलिस ने दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य सैयद अंजर हुसैन और उनके बेटे सैयद मोहम्मद तैयब समेत तीन लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
नगर के मोहल्ला किला निवासी सैयद आरिफ हुसैन ने एसएसपी के यहां प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें उन्होंने बताया था कि सालेह खातून नामक महिला वर्ष 1989 में पाकिस्तान चली गई थी, जिसके बाद वह कभी भारत नहीं लौटी। इसी का लाभ उठाकर सैयद अंजर हुसैन, उनके बेटे सैयद मोहम्मद तैयब और एक सलमान खान नामक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों से न्यायालय को गुमराह करते हुए उक्त संपत्ति पर कब्जा कर लिया। बताया कि इस दौरान सालेह खातून की बेटी इरम अहसन 11 जून 2012 को 30 दिन की वीजा पर भारत आई और सैयद अंजर हुसैन के यहां रुकी। दो जुलाई 2012 को वह पाकिस्तान चली गई। आरोप लगाया कि इस दौरान पिता-पुत्र ने उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए, जिसके जाने के बाद उन्होंने 17 जुलाई 2012 को न्यायालय में फर्जी वाद दायर किया। जिसके आधार पर 11 सितंबर 2012 को डिक्री पारित कर दी गई।
आरिफ हुसैन ने यह भी बताया कि शत्रु संपत्ति पर इरम अहसन के भाई और पाकिस्तानी नागरिक सैयद अरशद हुसैन के नाम से बिजली कनेक्शन भी चल रहा है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने 29 नवंबर को सैयद अंजर हुसैन, सैयद मोहम्मद तैयब और सलमान खान के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। सैयद अंजर हुसैन के बेटे सैयद मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि रंजिश के चलते फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, मेरे पास संपत्ति का बैनामा और विरासत मौजूद है। कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
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रिश्तेदार ने मंडलायुक्त के यहां दर्ज कराई थी शिकायत
शत्रु संपत्ति को लेकर गत दो अगस्त को पाकिस्तानी नागरिक सालेह खातून के रिश्तेदार शारिक हुसैन ने मंडलायुक्त के यहां शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें मंडलायुक्त ने जांच के आदेश भी दिए थे। इस संबंध में शारिक हुसैन ने बताया था कि यह शत्रु संपत्ति है और कब्जाधारियों ने पाकिस्तान से आई सालेह की बेटी से हिंदी में लिखित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए और उसके आधार पर संपत्ति पर कब्जा कर लिया था।
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बजरंग दल नेता ने भी एसएसपी को भेजी थी शिकायत
शत्रु संपत्ति पर अवैध रुप से कब्जा कर उस पर मदरसा चलाए जाने के मामले में बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी को अवगत कराते हुए रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि इस मदरसे में विदेशी फंडिंग भी हो रही है। विकास त्यागी ने कहा कि इस प्रकरण के बाद मदरसों में विदेशी फंडिंग के उनके आरोप सिद्ध साबित हो रहे हैं।