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अव्यवस्था के बोझ तले दबकर दम तोड़ रहे गोवंश

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खानपुर अफगान की गोशाला में बदहाली का शिकार गोवंश - फोटो : SAHARANPUR
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तीतरो। उपेक्षा और लापरवाही के चलते गोशालाओं की हालत खराब है। खानपुर अफगान की गोशाला में पर्याप्त चारे और देखरेख के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। तीन गोवंश पिछले दो दिन में दम तोड़ चुके हैं और दो की हालत खराब है। इनकी सुध लेना तो दूर मृत पड़े गोवंश को यहां से हटवा कर दफनाया तक नहीं गया है।
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तीतरो के खानपुर अफगान स्थित गोशाला में रखे गए गोवंश बदहाली के शिकार हैं। गोशाला में वर्तमान में 260 गोवंश हैं। इनमें से दो गोवंश की हालत खराब है। बदहाली का आलम यह है कि तीन गोवंश पिछले दो दिनों से मरे पड़े हैं और उन्हें हटाने तक की जहमत किसी ने नहीं उठाई। गोवंश को बहुत कम मात्रा में चारा दिया जा रहा है। इससे गोवंश बेहद कमजोर हो गए हैं और उनकी हड्डियां तक दिखाई देने लगी हैं। एक चोकर का बोरा तीन दिन तक इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि एक गोवंश को एक वक्त में ही कम से कम दो किलोग्राम चोकर चाहिए होता है। हिंदू गोरक्षक दल के कार्यकर्ताओं ब्रिजपाल सिंह, प्रवीण कौशिक, पदम सिंह, महेन्द्र सिंह आदि का कहना है कि गोशाला के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाले अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ रहे हैं।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सिंह का कहना है कि वे समय-समय पर पशुओं की जांच करते हैं। गोशाला का संचालन कर रही ग्राम फतेहचंदपुर की प्रधान प्रीति चौधरी का कहना है कि गोशाला के संचालन के लिए सरकार से करीब 10 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। वह बीडीओ और पशु चिकित्सा अधिकारी के संयुक्त खाते से निकाले जाते हैं परंतु वह हमें नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण गोशाला के पशुओं के लिए चारा खरीदने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगोह खंड विकास अधिकारी विवेक कुमार सिंह का कहना है कि भूसा क्रय करने का बिल कार्यालय में प्रस्तुत करने के बाद ही धनराशि की निकासी होती है, उसके अलावा पैसा नहीं निकाला जा सकता। गोशाला की अव्यवस्थाओं की जांच कराई जाएगी।
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