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कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई, दो घंटे तक की चेकिंग

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दिवानी कचहरी में डांग स्क्वायड के साथ मिलकर चेकिंग करती पुलिस - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। लखनऊ कोर्ट में बम धमाके के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एसएसपी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा सहित अन्य अफसरों सहित पुलिस टीमों ने करीब एक घंटे तक चेकिंग की। कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर के साथ चेकिंग की गई।
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इस दौरान बार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान, सचिव राजीव गुप्ता सहित अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाओं को देखते हुए कोर्ट परिसर की सुरक्षा बेहतर की जानी चाहिए। अधिवक्ताओं को भी इसमें सहयोग देना होगा। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से सुरक्षा के लिए टीमें अलर्ट नहीं रहती हैं।
कोर्ट परिसर में ऐसे हादसे चिंताजनक
- एडवोकेट शहजाद अंसारी कहते हैं कि कहचरी परिसर में इस तरह के हादसे चिंताजनक है। इससे कोर्ट में आने वाले लोगों को हमेशा सुरक्षा का डर सताएगा। यदि ऐसे अपराधियों के साथ अधिवक्ता मिले हैं तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। बार संघ के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि लखनऊ में दो बार घटना आपसी प्रतिद्वंद्विता का परिणाम नजर आ रही है।
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परिचय पत्र जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे
- बार संघ के अध्यक्ष ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर कचहरी परिसर की सुरक्षा और अधिवक्ताओं की पहचान चिह्नित करने के लिए परिचय पत्र तैयार कराए गए हैं। ये जल्द ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
विवाद, चाकूबाजी से लेकर हो चुकी फायरिंग की घटनाएं
- कुछ वकीलों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में कोर्ट परिसर में फायरिंग, चाकूबाजी और वकीलों एवं अपराधियों के अलावा पुलिस कर्मचारियों के साथ विवाद की स्थिति सामने आ चुकी है। कुछ साल पहले कोर्ट परिसर में ही एक अधिवक्ता पर फायरिंग की गई थी। इसके बाद वकीलों का आक्रोश बढ़ गया था। दो वर्ष पहले पांच बंदी कोर्ट परिसर से पुलिस टीम को चकमा देकर फरार हो गए थे। इसके अलावा कभी वाहन चेकिंग तो कभी अन्य बात को लेकर पुलिस टीमों और वकीलों के बीच विवाद तो अक्सर सामने आते रहे हैं।
कोर्ट में सुरक्षा के लिए सभी का सहयोग भी जरूरी
- एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा के लिए पहले से ही कई कदम उठाए जा चुके हैं। इसके अलावा यहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए बार संघ, वकीलों के अलावा अन्य लोगों का भी सहयोग जरूरी है। सबकी कोशिश होनी चाहिए कि कोई असामाजिक तत्व यहां सक्रिय न हो सके।
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