संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। वर्ष 2014 में हुए दंगे के मामले में बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के लिए तत्कालीन एसडीएम भानू प्रताप पेश हुए, लेकिन साक्ष्य लंबित हो गया।
इस मामले में एडीजीसी दीपक सैनी ने जिला मजिस्ट्रेट और एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया है। दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने बताया कि सहारनपुर दंगे मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। आरोपियों के खिलाफ रासुका लगी है।
कहा कि रासुका व पीड़ित सिपाही सेंशरपाल मलिक का मेडिकल समेत अन्य अभिलेख थाना कुतुबशेर द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विवेचक द्वारा पीड़ित वादी का मेडिकल व सिपाही, सरकारी कर्मियों के मेडिकल पत्रावली पर नहीं लगाए गए हैं। आरोप लगाया कि इससे मामला प्रभावित हो रहा है।
साथ ही आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई संस्तुति व एफआईआर चिक के अभिलेख साक्ष्य स्तर पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। इस संबंध में पूर्व में भी एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद थाना कुतुबशेर के प्रभारी एचएन सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। कहा कि उनके द्वारा मामले में रूचि नहीं ली गई। उन्होंने संबंधित साक्ष्यों को उपलब्ध कराने की मांग की।