सहारनपुर। दहेज के लिए प्रदीप ने अपनी पत्नी बिट्टो उर्फ सोनिका की बलकटी से हत्या कर दी। घटना का प्रत्यक्षदर्शी गवाह दस वर्षीय बेटा रहा। न्यायालय ने बेटे को बयान देने में सक्षम माना। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद दोषी प्रदीप को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
वादी मुकदमा राकेश सैनी ने थाना रामपुर मनिहारान में तहरीर दी थी। बताया कि उसकी बेटी बिट्टो उर्फ सोनिका की शादी प्रदीप निवासी ग्राम इस्लामनगर थाना रामपुर मनिहारान के साथ हुई थी। आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही पति प्रदीप, सास कौशल व देवर संदीप एक लाख रुपये की मांग करते और मारपीट करते थे। 16 अप्रैल 2021 को शाम करीब साढ़े पांच बजे उसके पति ने उनकी बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद पुलिस ने मामले को अदालत में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत में जारी रही। मामले की सशक्त पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने की। सुनवाई के दौरान मृतका के दस वर्षीय बेटे ने गवाही दी। कम उम्र होने के कारण न्यायालय ने सामान्य प्रश्न किए।
इसके बाद निष्कर्ष निकला की वह बयान देने में सक्षम है। गवाही में बताया कि उसके पापा, दादी और चाचा का उसकी मम्मी के प्रति बहुत गंदा व्यवहार था। ये लोग मम्मी के साथ मारपीट और गाली गलौज करते थे। बताया कि घटना के दिन उसकी मम्मी गाय का दूध निकाल कर खड़ी हुई थी। तभी उसके पापा मम्मी के पास आए और मम्मी की गर्दन पर वार कर दिया। इसके बाद उसकी मम्मी चोट से नीचे गिर गई। उसके पापा के कहने के पर दादी उसे दोस्त के घर छोड़ आई। मृतका के भाई कुलदीप ने भी गवाही में दहेज के लिए मारपीट किए जाना बताया। अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी कौशल को दोषमुक्त किया। पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी प्रदीप को सजा सुनाई है।