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12 थानों की सीमाओं से मिलती है देहात कोतवाली

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देहात कोतवाली। - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जनपद के महत्वपूर्ण थानों में शामिल देहात कोतवाली एक या दो नहीं बल्कि पूरे 12 थानों के चक्रव्यूह में फंसी है। स्थापना के समय से ही देहात कोतवाली का क्षेत्र काफी लंबा चौड़ा है। इसलिए घटना होने पर मौके पर पहुंचने के लिए पुलिस काफी समय लग जाता है और अक्सर सीमा विवाद भी सामने आते हैं। कोतवाली क्षेत्र के कई इलाके ऐसे हैं, जहां के निवासियों को कोतवाली तक पहुंचने के लिए कई थानों की सीमाओं से होकर गुजरना पड़ता है। इसलिए उन्हें परेशानी उठानी पड़ती और पुलिस के सामने भी समस्याएं आती हैं।
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जिले के 21 थानों में देहात कोतवाली महत्वपूर्ण थानों में गिनी जाती है। शहर के चारों तरफ का इलाका इस कोतवाली के क्षेत्र में आता है। इस थाने की पुलिस को अपने ही क्षेत्र का चक्कर लगाने में कई किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। कोतवाली का भवन बेहट रोड पर है, लेकिन इसका क्षेत्र शहर के दूसरे छोर पर स्थित मल्हीपुर रोड, चिलकाना रोड, गंगोह मार्ग, नागल मार्ग, बड़गांव मार्ग सहित कई इलाकों में पड़ता है, जहां से अन्य थाने नजदीक हैं, लेकिन क्षेत्र देहात कोतवाली में होने की वजह से पुलिस और फरियादी को पांच से 15 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है। इसके साथ ही कई बार पुलिस के सामने सीमा विवाद की स्थिति बनी है। पुलिस महकमे के मुताबिक कभी देहात कोतवाली की सीमाएं 14 थानों से मिलती थी, लेकिन इतने लंबे इलाके में गश्त करने में होने वाली परेशानी को देखते हुए इसका क्षेत्र कम किया। गांव मानकमऊ को थाना कुतुबशेर में जोड़ दिया गया।
इन थानों से मिलती हैं सीमाएं
-- कोतवाली सदर बाजार, नगर कोतवाली, थाना जनकपुरी, थाना चिलकाना, कोतवाली बेहट, थाना फतेहपुर, थाना गागलहेड़ी, थाना नागल, कोतवाली रामपुर मनिहारान, थाना फतेहपुर, बड़गांव और कुतुबशेर से मिलती हैं।
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नजदीक स्थित थाने में आना चाहिए क्षेत्र
देहात कोतवाली क्षेत्र में मल्हीपुर रोड पर रहने वाले रविंद्र पाल का कहना है किसी समस्या या काम से कोतवाली जाना पड़ता है तो पूरा शहर पार करना पड़ता है। रास्ते में कोतवाली सदर बाजार, नगर कोतवाली, कोतवाली मंडी का क्षेत्र पड़ता है। जिला अस्पताल पुल की तरफ से जाएं तो थाना जनकपुरी भी पास पड़ती है। इनमें से कोतवाली सदर की दूर तीन से चार किलोमीटर है, जबकि देहात कोतवाली 10 किलोमीटर दूर पड़ता है। हबीबगढ़ निवासी कलीम अहमद का कहना है कि देहात कोतवाली उनके क्षेत्र से काफी दूर पड़ती है, जबकि पास में थाना कुतुबशेर और कोतवाली सदर बाजार पड़ता है। ऐसे में कोतवाली तक पहुंचने में लंबा सफर तय करना पड़ता है। इसी तरह कई इलाकों के लोगों को लंबा रास्ता तय कर ही कोतवाली पहुंचना पड़ता है।
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थाना क्षेत्र कम करने का मामला शासन स्तर का है। जरूरत पड़ने पर देहात कोतवाली पुलिस को दूसरे थानों की मदद दी जाती है।------दिनेश कुमार, एसएसपी
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