संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एडवाइजरी कर दी गई है। इसे ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर भी बच्चों के कफ सिरप की जांच शुरू हो गई। औषधि प्रशासन विभाग सरकारी अस्पतालों में ऐसे कफ सिरप की जांच करेगा। साथ ही दवा की दुकानों पर भी इसकी जांच होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने खांसी और सर्दी की दवाएं दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देने की सलाह दी है। वहीं पांच साल से कम उम्र के बच्चों को दवाएं चिकित्सक की निगरानी में ही दी जानी है। औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार, सरकारी अस्पतालों के भंडारण में बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप है या नहीं, इसकी जांच शुरू कर दी है। लखनौती में ड्रग वेयर हाउस है। यहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयां सप्लाई होती हैं। जिस बैच नंबर के कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई है, उसकी सप्लाई जिले में नहीं हुई है। बाजार में बिकने वाले वाले कफ सिरप की भी जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक कहीं भी उस बैच का कफ सिरप नहीं मिला है। फिर भी दवा व्यापारियों और स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया जा रहा है। उसके बाद रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।