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निगम की लापरवाही, कंपनी ने 27 माह से नहीं चुकाया किराया

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण सीवर की सफाई की ठेका कंपनी 27 माह से नगर निगम को किराया नहीं चुका रही है। उल्टे वह काम की एवज में जल निगम से पैसा बराबर वसूल रही है। कंपनी की मनमानी और निगम की लापरवाही को लेकर कई बार नगर निगम की बोर्ड बैठकों में पार्षद हंगामा कर चुके हैं, लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
पूर्व में सीवर की सफाई का कार्य नगर निगम का जल कल विभाग करता था, लेकिन 27 माह पहले शासन स्तर से चेन्नई की एक कंपनी को सीवर की सफाई और ढक्कन रखने का ठेका दिया गया था। तब से उक्त कंपनी ही यह काम करती आ रही है। खास बात यह है कि ठेका कंपनी के पास सीवर की सफाई के लिए अपनी गाड़ियां नहीं थीं। ऐसे में नगर निगम में पूर्व से संचालित गाड़ियों को कंपनी ने किराए पर लिया हुआ है। दो गाड़ियां सीवर जेट और सीवर सकर किराए पर दी हुई हैं। निगम सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक गाड़ी का एक माह का किराया 30 हजार रुपये तय हुआ था। शर्त यह थी कि उक्त कंपनी गाड़ियों का किराया हर माह चुकाएगी, लेकिन 27 माह में कंपनी ने एक बार भी किराया नहीं चुकाया है, जबकि उक्त कंपनी काम की एवज में जल निगम से लगातार पैसा वसूल रही है। नगर निगम बोर्ड की बैठकों में पार्षद कई बार कंपनी से किराया नहीं वसूले जाने का मामला उठा चुके हैं, लेकिन अधिकारी मौन बने हुए हैं।
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ढक्कनों की भी हालत खराब
कंपनी पर सीवर के ढक्कन रखने का भी ठेका है, लेकिन महानगर में जगह-जगह ढक्कन टूटे पड़े हैं। कई जगह ऐसी भी हैं, जहां फ्रेम से छोटा ढक्कन रख दिया गया है। पार्षद मंसूर बदर का कहना है कि ढक्कन सही गुणवत्ता के नहीं हैं रखने के चंद दिन बाद ही वह टूट जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में कई ढक्कन टूटे पड़े हैं, जिनकी शिकायत वह लगातार कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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पांच माह से कंपनी को नहीं हुआ भुगतान
जल निगम के अधिशासी अभियंता रुचिन यादव ने बताया कि वह पांच माह से सहारनपुर में तैनात हैं, तब से कंपनी को किसी प्रकार की भुगतान नहीं किया गया है। क्योंकि कंपनी के काम की लगातार शिकायत मिल रही थी। पार्षदों द्वारा कई बार अवगत कराया गया कि कंपनी ठीक से काम नहीं कर रही है। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया था, जिसके बाद पांच माह से भुगतान नहीं हुआ है।
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25 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में पार्षदों ने सीवर की ठेका कंपनी से किराया नहीं वसूलने का मामला उठाया था। इस मामले में नगरायुक्त को सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। ढक्कनों को लेकर भी लगातार शिकायत मिलती रही हैं। इस संबंध में शासन को भी अवगत कराया गया है।
संजीव वालिया, महापौर
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