सहारनपुर। नगर निगम पर बिना टेंडर के पौधे खरीदने का आरोप लगाने वाले पार्षद अनिल उर्फ पप्पू अब खुद ही घिर गए हैं, क्योंकि अनिल की नर्सरी से ही करीब 14 लाख रुपये के पौधे निगम ने खरीदे, इसका खुलासा पार्षद चंद्र जीत सिंह उर्फ निक्कू द्वारा मांगी आरटीआई में हुआ है। अब पार्षद चंद्रजीत ने महापौर और नगरायुक्त से मांग की है कि पार्षद अनिल की सदस्यता समाप्त की जाए, क्योंकि इन्होंने पद का दुरुपयोग कर लाभ लिया है।
महापौर और नगरायुक्त को लिखे पत्र में पार्षद चंद्रजीत सिंह निक्कू ने कहा कि मलिक नर्सरी का स्वामित्व पार्षद अनिल कुमार है। मलिक नर्सरी के नाम से नगर निगम में पौधे सप्लाई करने तथा उनका भुगतान प्राप्त करने की बात कही है। निक्कू ने बताया 24 अगस्त 2018 से छह फरवरी 2019 तक 20 बार मलिक नर्सरी से पेड़ और पौधे खरीदे गए, इनका 14 लाख 673 रुपये का भुगतान निगम ने किया है । निक्कू का कहना है कि अनिल कुमार ने अपने लेटर पैड पर मलिक नर्सरी को ही अपना कार्यालय लिखा है। ऐसे में मलिक नर्सरी की जांच कराने तथा पार्षद अनिल का स्वामित्व पाने पर उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की है।
तो निगम भी है जिम्मेदार
नगर निगम ने अगस्त 2018 से फरवरी 2019 तक मलिक नर्सरी से 14 लाख रुपये से अधिक के पौधे खरीदे और भुगतान भी कर दिया। उक्त मामले में यदि पार्षद गलत है तो निगम के संबंधित अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं है, जिन्होंने पार्षद को लाभ पहुंचाया या फिर कहा जाए कि पूर्व में पौधे खरीदने में सेटिंग का खेल चल रहा था, जिसमें सब शामिल थे और आरोप प्रत्यारोप शुरू होने पर ऐसे राज से पर्दा उठने लगा है।
पार्षद अनिल ने आरोप बेबुनियाद बताए
पार्षद अनिल का कहना है कि उनकी मलिक नर्सरी 30 साल पुरानी है। मलिक नर्सरी ने नगर निगम के किसी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया है। नगर निगम ने खुद मलिक नर्सरी में आकर पौधे खरीदे हैं। यदि नर्सरी किसी टेंडर में शामिल होती तो मैं जिम्मेदार होता। साथ ही ग्रीनरी नर्सरी के साथ भी मेरा नाम जोड़ा जा रहा है, जो सरासर गलत है।