सहारनपुर। कोरोना ने कई राज्यों में फिर से दस्तक दे दी है। जिले से सटे हरियाणा व उत्तराखंड में कोरोना पैर पसार रहा है, लेकिन जिले में कोरोना से निपटने के लिए कोई तैयारी अभी नहीं की गई है। रेलवे स्टेशन और दोनों राज्यों से आने वाले लोगों की सीमाओं पर जांच की जाए तो संक्रमण फैलने से बचेगा।
वर्ष 2021 में दूसरी लहर में लोगों को मौत की नींद सुलाने वाला कोरोना का खतरा फिर से मंडराने लगा है। प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरियाणा के यमुनानगर, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल में कोरोना के केस मिल रहे हैं। यहां से हर दिन बड़ी संख्या में लोग यमुनानगर, उत्तराखंड में आते-जाते हैं। ऐसे में उनके साथ आया कोरोना वायरस घर या आसपास के कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए घातक हो सकता है, लेकिन यहां कोरोना मरीजों के लिए भर्ती सुविधा नहीं की गई है। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ का कहना है कि अभी शासन से कोरोना को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई है।
बच्चे, गर्भवती व बीमार लोग बरते सावधानी
कोरोना को सबसे ज्यादा खतरा बच्चे, गर्भवती और बीमा लोगों को है। इनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए इन्हें कोरोना चपेट में लेता है। मधुमेह, थायराइड, हृदय के रोगी, गर्भवती महिलाएं या वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लेने वाले एहतियात बरतें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, हाथों की स्वच्छता व शारीरिक दूरी का ध्यान रखें।