वहीं, प्रतिमा हटवाने को लेकर अनुसूचित जाति में रोष फैल गया और उनकी अधिकारियों के साथ जमकर बहस हुई। हंगामा बढ़ते देख मौके पर पीएसी बुला ली गई। अनुमति लेकर प्रतिमा स्थापित करने की अधिकारियों द्वारा बात कही गई तो अनुसूचित जाति के लोग मान गए। जिसके बाद वहां से प्रतिमा को हटवाकर निकट स्थित बरातघर में रखवा दिया गया।
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एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि एक पक्ष के लोगों ने प्रतिमा को हटाकर बरातघर में रखवा लिया है। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया। बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना नहीं हो सकती है। अनुसूचित जाति के लोगों से कहा गया कि वे प्रतिमा लगवाने के लिए शासन प्रशासन से अनुमति ले। शासन से अनुमति मिलने के बाद ही प्रतिमा को स्थापित करा दिया जाएगा।