सहारनपुर। जिला पंचायत की तरफ से पिछले माह छोड़ा गया 35 करोड़ 70 लाख का खनन अभिवहन शुल्क का ठेका विवादों में फंस गया। एमएलसी शाहनवाज खान ने मुख्यमंत्री को इसकी शिकायत भेजी थी। आरोप लगाया था कि ठेके के नाम पर जिला पंचायत से मिलीभगत कर अवैध वसूली की जा रही है। अब शासन ने जिला पंचायत से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
दरअसल, शासन के निर्देश पर जिला पंचायत की तरफ से खनन पर शुल्क वसूली के लिए अभिवहन शुल्क का ठेका छोड़ा जाता है, जो तीन साल के लिए होता है। इसमें वाहनों से एक निर्धारित शुल्क लिया जाता है। जिला पंचायत की तरफ से इस ठेके के लिए 12 बार प्रयास किए गए, लेकिन कोई कंपनी सामने नहीं आई।
इतने प्रयास के बाद पिछले माह एक कंपनी को यह ठेका तीन साल के लिए 35 करोड़ 70 लाख रुपये में छोड़ा गया। कुछ दिन पहले इस मामले में एमएलसी शाहनवाज खान की तरफ से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई।
इसमें बताया कि अभिवहन शुल्क के ठेके में नियमों का उल्लंघन कर अवैध वसूली हो रही है। गंदेवड, हथिनीकुंड, नौगांवा, धौलाकुआं, पठेड़, नानौली और बादशाही बाग क्षेत्र में वाहनों से मनमाने तरीके से जबरन वसूली की जा रही है। इसके बाद शासन की तरफ से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है।
यह है निर्धारित रेट :
- गधा खच्चर : 10 रुपये
- बैलगाड़ी और बुग्गी : 50 रुपये
- ट्राली चार पहिये वाली : 250 रुपये
- दो पहिये वाली : 150 रुपये
- मिनी ट्रक : 100
- छह पहिया ट्रक : 200 रुपये
- 10 पहिया ट्रक : 300
- 10 पहिया से अधिक के ट्रक 500 रुपये
नोट : यह प्रति चक्कर के हिसाब से है।
ठेके की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई थी, तभी ठेका छोड़ा गया है। ठेकेदार को भी स्पष्ट हिदायत है कि नियमानुसार ही वाहनों से शुल्क लिया जाए। - चौधरी मांगेराम, अध्यक्ष जिला पंचायत
अभिवहन शुल्क के ठेके में नियमों का ताक पर रखा गया। विभाग की मिलीभगत से ही अभिवहन शुल्क के नाम पर जबरन वसूली की जा रही है, जो गलत है। मामले की शिकायत शासन को भेजी गई थी। - शाहनवाज खान, एमएलसी