फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लगातार बिगड़ रही पानी और हवा की गुणवत्ता

विज्ञापन
नालो में गिरता गन्दा पानी - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
लगातार बिगड़ रही पानी और हवा की गुणवत्ता
विज्ञापन

सहारनपुर। एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) की सख्ती के बावजूद शहर में जल और वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। जनपद से गुजरने वाली नदियां खासकर हिंडन, काली नदी, ढमोला और पांवधोई का पानी प्रदूषित हो चुका है। कई नदियों में जलीय जीव विलुप्त होने के कगार पर हैं। इसके अलावा वायु प्रदूषण सहारनपुर का एक्यूआई 360 तक दर्ज किया गया है। इसकी वजह फैक्टरियों और वाहनों के साथ कचरा जलाने से पैदा होने वाले धुआं और धूल के कण हैं, जो हवा की गुणवत्ता को लगातार खराब कर रहे हैं।
नहीं रुक रहा पॉलिथीन का इस्तेमाल
एनजीटी ने 50 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक थैलों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। शहर में नगर निगम अभियान चलाकर प्रतिबंधित पॉलिथीन को जब्त कर रहा है। बीते दिनों कचरे से इकट्ठा की गई करीब 120 क्विंटल पॉलिथीन रिसाइकिल के लिए दिल्ली भेजी गई है। इसके बावजूद प्रतिबंधित पॉलिथीन भारी मात्रा में शहर में आयात हो रही है और इस्तेमाल भी। सप्ताह भर पहले टीपीनगर में एक गोदाम से प्रतिबंधित पॉलिथीन की बरामदगी इसका सुबूत है।
विज्ञापन

- लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या
- नॉन ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहन - 600,000
- ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहन - 38,000
- हैवी ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहन - 7000
- जिले में संचालित ई-रिक्शा - 3000
- जिले में संचालित टेंपो - 4500
- नदियों के लिए प्रयास नाकाफी
पांवधोई और ढमोला नदी शहर के बीच से होकर गुजरती हैं। हिंडन के बाद इन नदियों की हालत सबसे खराब है। हालांकि शहर से बाहर नदियों का पानी साफ है लेकिन शहर में प्रवेश करते ही नदियों में बड़ी संख्या में नाले और सीवर गिराने से इनका पानी दूषित हो चुका है। पांवधोई नदी की सफाई के लिए निगम प्रत्येक वर्ष अभियान चलाता है। उसके बाद भी नदियों में कचरा गिराने से कंपनियां गुरेज नहंी कर रही हैं। इसके चलते दोनों नदियों का पानी काला पड़ चुका है। शहर में बड़ी संख्या में फैक्टरियां भी केमिकलयुक्त पानी को सीधे नालों में बहा रही हैं, जो बाद में आकर नदियों में गिरता है।
- बारिश ने धुल दिया प्रदूषण
दिवाली से पहले जनपद में एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 360 तक था, जो अब आतिशबाजी के कारण 374 पर पहुंच गया था। दिवाली के अगले ही दिन झमाझम बारिश ने वायु प्रदूषण में सुधार देखा गया है। नतीजा बीते दो दिन में वायु प्रदूषण खत्म सा हो गया है। जो एक्यूआई सोमवार को 140 था, वह मंगलवार को घटकर मात्र 60 हो गया, जो बहुत अच्छी स्थिति है।
- बीते दस दिन का एक्यूआई
तिथि ----------- एक्यूआई
17 नवंबर --------- 60
16 नवंबर --------- 140
15 नवंबर --------- 374
14 नवंबर --------- 265
13 नवंबर --------- 260
12 नवंबर --------- 200
11 नवंबर --------- 220
10 नवंबर --------- 260
09 नवंबर --------- 310
08 नवंबर --------- 325
- चिकित्सक की सलाह
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि सर्दियों में हवा ठंडी होने की वजह से ऊपर नहीं जा पाती है। इसका दबाव नीचे की तरफ बना रहता है। इसके चलते हवा में घुले धूल और धुएं के कण सांसों के जरिए शरीर में प्रवेश कर लोगों को बीमार कर रहे हैं। दिल और सांस के मरीजों के लिए यह स्थिति मुसीबत भरी रहती है। आंखों में जलन की शिकायत भी लोगों को रहती है। प्रदूषण से बचने को घर से बाहर जाते समय मुंह पर अच्छी गुणवत्ता का मास्क लगाकर रखें। मरीज लोग अच्छे चिकित्सक से इलाज कराएं। आंखों को साफ पानी से धुलते रहें। अच्छे चश्मे का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन

प्रदूषण को रोकने के लिए विभाग लगातार कदम उठा रहा है। प्रदूषण फैलाने वाले चार उद्योगों पर हाल ही में कार्रवाई की गई है। पांवधोई और ढमोला नदी को स्वच्छ बनाने पर कार्य चल रहा है।
- आरएस मौर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

सहारनपुर में गिरता गन्दा पानी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें