बड़गांव के बडूली में अधूरा पड़ा रेस्ट एरिया। संवाद
छुटमलपुर/बड़गांव। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का जिले में ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो गया है। जनवरी में इसे वाहनों के लिए खोलने की उम्मीद है, लेकिन चार रेस्ट एरिया में से बिहारीगढ़ में बनने वाले दो रेस्ट एरिया पर तो अभी निर्माण कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में यात्रियों को सुविधाओं के लिए भटकना पड़ेगा।
210 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का करीब अस्सी किमी हिस्सा सहारनपुर जिले से जाता है। जिले में यह जड़ौदा पांडा से शुरू होकर डाॅट मंदिर तक जाता है। इसमें करीब 68 किमी एक्सप्रेसवे और 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड है। एलिवेटेड रोड का काम गत वर्ष अक्तूबर में पूरा हो गया था, जिस पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं। खंड तीन में लाखनौर से गणेशपुर तक 41 किमी का काम भी पूरा हो गया है। इसे भी वाहनों के लिए खोल दिया गया है। केवल बड़गांव क्षेत्र में छह सौ मीटर इंटरचेंज का काम रह गया है जो 15 से बीस दिन में पूरा हो जाएगा। जिले में एक्सप्रेसवे पर दो रेस्ट एरिया बनने हैं, जिनमें एक बडूली और दूसरा बिहारीगढ़ के पास बनना है। इन रेस्ट एरिया में पेट्रोल पंप, वाहन रिपेयरिंग, होटल-रेस्टोरेंट, स्वास्थ्य सेवा, शौचालय और स्नान गृह आदि सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
दोनों रेस्ट एरिया के लिए जमीनें अधिगृहीत कर ली गई है। बडूली में दो रेस्ट एरिया निर्माणाधीन हैं जिन्हें पूरा होने में कम से कम छह माह का वक्त लगेगा, जबकि बिहारीगढ़ में अभी तक रेस्ट एरिया में केवल सड़क ही बिछाई जा सकी है। अभी तक यहां एक भी ईंट नहीं लगाई जा सकी है। एक्सप्रेसवे को इसी माह खोले जाने की उम्मीद है। इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जगह-जगह खोले गए कट को रेलिंग लगा कर बंद किया जा रहा है। ऐसे में रेस्ट एरिया ना बनने से सुविधाओं के लिए यात्रियों को भटकना पड़ेगा।
बिहारीगढ़ के रेस्ट एरिया के लिए नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड को जमीन सौंप दी गई है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- विशाल गोयल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर खंड तीन एनएचएआई